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क्या ममता बनर्जी का शासन तालिबान और पाकिस्तान जैसा है, महिलाओं की स्वतंत्रता खतरे में है?: लॉकेट चटर्जी

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क्या ममता बनर्जी का शासन तालिबान और पाकिस्तान जैसा है, महिलाओं की स्वतंत्रता खतरे में है?: लॉकेट चटर्जी

सारांश

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में गैंगरेप की घटना पर भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने पुलिस की कार्रवाई और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की और ममता के शासन की तुलना तालिबान से की। क्या यह वास्तव में महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए खतरा है?

मुख्य बातें

महिलाओं की सुरक्षा के मामले में गंभीर चिंताएं हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी इस मुद्दे को और जटिल बना रही है।
समाज की स्थिति में सुधार की आवश्यकता है।
न्याय की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करने की जरूरत है।

दुर्गापुर, 12 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक कथित गैंगरेप की शिकार एमबीबीएस छात्रा से मिलने पहुंची भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी और अन्य नेताओं को पुलिस ने अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर रोक दिया। इमरजेंसी गेट पर ताला लगे होने के कारण लॉकेट चटर्जी गेट के बाहर धरने पर बैठ गईं और कहा कि जब तक उन्हें पीड़िता से मिलने की अनुमति नहीं मिलेगी, वे नहीं हटेंगी।

लॉकेट चटर्जी ने पुलिस के रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पुलिस अस्पताल के अंदर है, लेकिन हमें पीड़िता से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यहां तालिबानी हुकूमत चल रही है। पुलिस की मौजूदगी पीड़िता तक पहुंच को रोकने के लिए है।"

उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद दुर्गापुर में ऐसी घटना हुई, जो आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए बलात्कार-हत्या मामले की याद दिलाती है। इस मामले में हुई तीन गिरफ्तारियां केवल दिखावा हैं और असल में अपराधियों को बचाने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने ममता बनर्जी के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि महिलाओं को रात में बाहर नहीं निकलना चाहिए। चटर्जी ने तंज कसते हुए कहा, "अगर ऐसा है तो 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह रात में पाकिस्तान कैसे गईं? आज पश्चिम बंगाल में एक महिला सीएम लोगों से बाहर न जाने के लिए कह रही हैं। यह पश्चिम बंगाल के लोगों की वर्तमान स्थिति है। पश्चिम बंगाल की महिलाएं इसका जवाब देंगी।"

उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का शासन तालिबान या पाकिस्तान जैसा है, जहां महिलाओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा खतरे में है।

लॉकेट चटर्जी ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "इमारत पर 'इमरजेंसी' का लेबल है, गेट बंद है। इसे 24 घंटे खुला रहना चाहिए। पुलिस अंदर है, डॉक्टर बाहर। क्या यह ममता बनर्जी का शासन है?"

दुर्गापुर गैंगरेप मामले को लेकर लॉकेट चटर्जी ने आशंका जताई कि यह मामला भी आरजी कर मामले की तरह दबा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, "आरजी कर मामले में लाखों लोग सड़कों पर उतरे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मामला सीबीआई को सौंपा गया, लेकिन बिना सबूत के सीबीआई क्या कर सकती है? यहां भी यही होगा, अपराधी छूट जाएंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें इस घटना की गंभीरता को समझना चाहिए। यह केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह उस समाज की तस्वीर है, जहां महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता सवालों के घेरे में है। हमें मिलकर इस समस्या का समाधान खोजना होगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ममता बनर्जी की सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है?
ममता बनर्जी की सरकार पर कई आरोप हैं कि वह महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है, खासकर दुर्गापुर गैंगरेप मामले में।
लॉकेट चटर्जी ने क्या आरोप लगाए हैं?
लॉकेट चटर्जी ने पुलिस की कार्रवाई को तालिबान जैसी बताया और कहा कि महिलाओं की स्वतंत्रता खतरे में है।
क्या इस मामले में न्याय मिलेगा?
बातचीत से पता चलता है कि अगर मामले की गंभीरता से जांच नहीं की गई तो न्याय मिलना मुश्किल होगा।
राष्ट्र प्रेस
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