क्या मुंबई का अगला महापौर महायुति का होगा? संजय निरुपम का दावा
सारांश
Key Takeaways
- महापौर महायुति का होना चाहिए, यह मतदाताओं का स्पष्ट संदेश है।
- संजय निरुपम ने ठाकरे परिवार पर कटाक्ष किया।
- महापौर चुनाव के लिए लॉटरी प्रक्रिया जल्द होगी।
मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने बीएमसी चुनाव में भाजपा-गठबंधन की जीत के बाद यह दावा किया कि अगला महापौर महायुति का ही होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई के मतदाताओं ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि मेयर महायुति का होना चाहिए, इसलिए उन्होंने हमें बहुमत दिया है। 16 तारीख को वोटरों ने हमें अपना जनादेश दे दिया है। मतदाताओं ने साफ कर दिया है कि महायुति का महापौर बनना चाहिए।
महापौर के संदर्भ में संजय निरुपम ने संजय राउत और उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके घर में बेचैनी का माहौल है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत कितनी भी कोशिश कर लें, उनका महापौर बनना संभव नहीं है। यह निर्णय मुंबई के मतदाताओं का है कि अगला महापौर ठाकरे की पार्टी का नहीं होगा। वर्षों तक उनकी पार्टी ने बीएमसी की तिजोरी को लूटने का काम किया है और इसी कारण मुंबई ने महायुति को जनादेश दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि ठाकरे की पार्टी को बीएमसी पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं होना चाहिए, यह मुंबई के मतदाताओं का आदेश है। महापौर के चुनाव के लिए आरक्षण की कैटेगरी अभी तय नहीं हुई है और इसके लिए लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी की प्रक्रिया अगले एक-दो दिनों में पूरी की जाएगी और इसके बाद महापौर चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी।
बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी के घुसपैठ वाले बयान पर संजय निरुपम ने कहा कि उनके हर शब्द में कोई न कोई अर्थ होता है। जब उन्होंने चुनाव के दौरान बिहार में प्रचार किया था, तो कहा था कि वह जंगल राज को खत्म कर देंगे। आज बंगाल में भी ममता बनर्जी की सरकार में जंगलराज है।
संजय निरुपम ने कहा कि वहाँ हर दिन कुछ न कुछ होता रहता है। माताओं-बहनों के साथ बलात्कार हो रहे हैं, और कोई भी सुरक्षित नहीं है। हिंदू-मुस्लिम दंगे हो रहे हैं। तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली ममता बनर्जी केवल वोट बैंक बचाने में लगी हैं। वहां जंगलराज को खत्म करने के लिए पूरे भारत का समर्थन प्रधानमंत्री मोदी के साथ है।