क्या मुंबई के विकास चाहने वाले लोग महायुति के साथ हैं? : श्रीकांत तारा
सारांश
Key Takeaways
- महापौर महायुति का बनेगा
- जनता का समर्थन महायुति के साथ है
- राजनीतिक चर्चाओं का महत्व
- राहुल गांधी की स्थिति
- मुंबई में विकास के संकेत
मुंबई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में मेयर पद के चेहरे को लेकर चल रही सियासत पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा एमएलसी श्रीकांत तारा पंडित भारतीय ने कहा कि इस मुद्दे पर महायुति गठबंधन के पास पूरी स्पष्टता है। उन्होंने कहा कि महापौर महायुतिमुंबई के विकास को चाहने वाले लोग महायुति के साथ हैं।
श्रीकांत तारा पंडित ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मेयर पद को लेकर अब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को इस विषय पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि वारिस पठान दावा कर रहे हैं कि बुर्का पहनने वाला भी मेयर बन सकता है। तो वे चुप क्यों हैं? वे इस मामले पर खुलकर बात क्यों नहीं करना चाहते? उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर बोलने की उनमें हिम्मत नहीं है।
श्रीकांत पंडित ने कहा कि राजनीति में किसे किसके साथ जाना है, यह उसका अधिकार है, लेकिन सबसे अहम यह है कि जनता किसके साथ है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की जनता ने नगर निगम चुनावों में स्पष्ट कर दिया है कि वह किसके समर्थन में है। उनके अनुसार, मुंबई के विकास को चाहने वाले लोग महायुति के साथ एकजुट हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में महायुति सरकार बनने के बाद खासतौर पर मुंबई में आम आदमी ने सड़कों, मेट्रो और सबसवे जैसे विकास कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। यही वजह है कि मुंबई का महापौर महायुति13.5 करोड़ लोगों की भावना को दर्शाती है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और EVM पर सवाल उठाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीकांत पंडित ने कहा कि राहुल गांधी एक “फेल्योर प्रोजेक्ट” बन चुके हैं और वह ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिनका जनता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी EVM का मुद्दा केवल हार के बाद ही उठाती है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के बाद जब कांग्रेस को सफलता मिली थी, तब EVM पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। वहीं, बिहार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां की जनता ने यह साफ कर दिया कि EVM या वोट चोरी कोई मुद्दा नहीं है। कर्नाटक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वहां की सरकार के सर्वे में भी चुनाव आयोग और EVM का ट्रैक रिकॉर्ड पहले से बेहतर बताया गया है।
भाजपा एमएलसी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं और यह एक गंभीर अपराध है।