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क्या एनडीए में सिर फुटव्वल है, और महागठबंधन में एकजुटता है? : आनंद दुबे

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क्या एनडीए में सिर फुटव्वल है, और महागठबंधन में एकजुटता है? : आनंद दुबे

सारांश

क्या बिहार चुनाव में महागठबंधन की एकजुटता एनडीए की सिर फुटव्वल को मात देगी? जानें आनंद दुबे की राय और तेजस्वी यादव की बढ़ती लोकप्रियता के बारे में।

मुख्य बातें

महागठबंधन की एकजुटता तेजस्वी यादव के समर्थन में है।
एनडीए में सिर फुटव्वल की स्थिति है।
प्रशांत किशोर अब चुनावी रणनीतिकार नहीं, बल्कि एक उम्मीदवार हैं।
आनंद दुबे ने छठ पर्व पर प्रार्थना की।
बिहार के विकास के लिए स्थिर सरकार की आवश्यकता है।

मुंबई, 21 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार चुनाव से पहले, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता सैयद आलम ने पार्टी को अलविदा कहा। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक उतार-चढ़ाव और दल-बदल सामान्य बात है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कहा कि इस समय पूरा बिहार तेजस्वी यादव के समर्थन में एकजुट है। माताएं, बहनें, किसान और युवा सभी उनके साथ हैं। दुबे ने नीतीश कुमार के 20 साल के शासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस दौरान न तो पलायन रुका, न बेरोजगारी में कमी आई और न ही सड़कों और कानून व्यवस्था में सुधार हुआ। उन्होंने छठ पर्व के अवसर पर छठी मैया से प्रार्थना की कि भाजपाइयों को सद्बुद्धि मिले और आरजेडी कार्यकर्ताओं को न्याय मिले।

आनंद दुबे ने कहा कि इस बार महागठबंधन के लोग 14 नवंबर को दीपावली मनाएंगे, क्योंकि तेजस्वी यादव की लोकप्रियता अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी सभी वर्गों के नेता हैं। हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, गरीब और मजदूर सभी उनके साथ हैं। दुबे ने विश्वास जताया कि लोग आपसी मतभेद भूलकर महागठबंधन को चुनेंगे। उन्होंने एनडीए पर तंज कसते हुए कहा कि वहां सिर फुटव्वल है, चिराग पासवान, कुशवाहा और मांझी सभी अलग दिशा में हैं और भाजपा सबको अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रही है।

बिहार चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि अब प्रशांत किशोर केवल रणनीतिकार नहीं हैं, बल्कि खुद चुनाव मैदान में हैं।

उन्होंने प्रशांत किशोर को सलाह दी कि किसी के इशारे पर काम न करें और जनता की सेवा करें। दुबे ने कहा कि प्रशांत किशोर की सरकार बननी नहीं है, इसलिए नफरत फैलाने से बचें। उन्होंने विश्वास जताया कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार को स्थिर सरकार मिलेगी, जो राज्य और देश के विकास का सही मार्ग है।

महाराष्ट्र के शनिवारवाड़ा में महिलाओं के नमाज और हिंदू संगठनों के प्रदर्शन को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भाजपाइयों को सद्बुद्धि मिले। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता यही है कि हर धर्म और मजहब के लोग अपने ईश्वर की प्रार्थना कर सकते हैं। दुबे ने कहा कि मुसलमान समाज ने शनिवारवाड़ा जैसे पवित्र स्थान को इबादत के लिए चुना, यह प्रेम का प्रतीक है, नफरत का नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना में सभी धर्मों के लोग थे, जिन्होंने हिंदवी स्वराज्य की कल्पना की थी। उन्होंने भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार चुनाव में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। महागठबंधन की एकजुटता और एनडीए में फुटव्वल, दोनों पक्षों के लिए चुनौती और अवसर पैदा कर रहे हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार चुनाव में महागठबंधन की स्थिति क्या है?
महागठबंधन इस बार तेजस्वी यादव की लोकप्रियता के सहारे चुनाव में मजबूती से खड़ा है।
एनडीए में क्या समस्या है?
एनडीए में कई नेता अलग-अलग दिशा में जा रहे हैं, जिससे स्थिति कमजोर हो रही है।
आनंद दुबे का क्या कहना है?
आनंद दुबे ने तेजस्वी यादव की लोकप्रियता और महागठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया है।
प्रशांत किशोर की भूमिका क्या है?
प्रशांत किशोर अब चुनावी मैदान में हैं और उन्होंने जनता की सेवा का आह्वान किया है।
छठ पर्व पर आनंद दुबे ने क्या कहा?
उन्होंने छठी मैया से प्रार्थना की कि भाजपाइयों को सद्बुद्धि मिले।
राष्ट्र प्रेस
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