क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' वास्तव में केवल नाम के लिए है? : टीएस सिंह देव
सारांश
Key Takeaways
- ऑपरेशन सिंदूर का वर्तमान में कोई सक्रिय संचालन नहीं हो रहा है।
- टीएस सिंह देव ने इसे केवल नाम का बताया है।
- हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच महत्वपूर्ण भिन्नता है।
- राजनीतिक विचारधाराएँ और सुरक्षा मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में बयान दिया है कि यह केवल नाम मात्र के लिए ही चल रहा है। इस पर कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने उनकी बात का समर्थन किया है।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि वर्तमान में ऑपरेशन सिंदूर केवल नाम का है। अभी तक कोई सक्रिय ऑपरेशन संचालित नहीं हो रहा है। बॉर्डर पर घुसपैठ जैसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। वास्तविकता यह है कि हमारी सेना 24 घंटे तैनात रहती है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक प्रोएक्टिव कदम था, जिसमें सेना ने बॉर्डर पार आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन अब ऐसा कोई ऑपरेशन नहीं हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उन्होंने सीजफायर के लिए भारत को कहा था। वे खुद 60 से अधिक बार कह चुके हैं कि उन्होंने सीजफायर कराया। पाकिस्तान के साथ चर्चा की बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में अपना दूतावास बंद नहीं किया है, इसलिए वहां के लोगों से बातचीत तो होती ही होगी।
मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व संबंधी बयान पर टीएस सिंह देव ने कहा कि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है, जो एक विशेष धर्म के साथ भिन्नता से व्यवहार करती है। एक ओर, आप दिल्ली में एक प्रसिद्ध सड़क का नाम अब्दुल कलाम आजाद के नाम पर रखते हैं। दूसरी ओर, आप यह कहते हैं कि भारत में एक भी मुसलमान नहीं होना चाहिए। ये विचार एक साथ कैसे सह-अस्तित्व में हो सकते हैं। यह हिंदुत्व और हिंदू धर्म के सार के बीच बड़ा अंतर दर्शाता है। हमारा धर्म और सनातन दर्शन मूलतः दुनिया को एक परिवार के रूप में देखता है, जबकि हिंदुत्व ऐसा नहीं करता। मेरी राय में, यह एक महत्वपूर्ण भिन्नता है।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में मंदिर बनाने की मांग पर कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि जहां मंदिर है, वहां पास में मस्जिद बनाइए। जहां मस्जिद है, वहां मंदिर बनाइए। इसमें क्या दिक्कत है? गुरुद्वारे भी बनाइए। बौद्ध स्तूप या बुद्ध की मूर्तियां भी स्थापित कीजिए और जैन मंदिरों को भी मान्यता दीजिए। हमारा दर्शन सिखाता है कि पूरी दुनिया एक परिवार है, इसलिए सब कुछ हर जगह साथ-साथ रहना चाहिए।
तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन पर कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन के लिए मेरी अध्यक्षता में चार सदस्यों की एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई है। सीटों के बंटवारे पर निर्णय हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं और पार्टी नेतृत्व बातचीत के माध्यम से ये निर्णय लेगा, क्योंकि पिछले चुनावों में सीटों का बंटवारा अलग-अलग रहा है।