क्या पीएम मोदी और नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा अपना लक्ष्य हासिल कर पाएगी? - नरेश बंसल
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा पीएम मोदी और नितिन नबीन के नेतृत्व में चुनावी तैयारी में है।
- कांग्रेस की विश्वसनीयता में कमी आई है।
- घुसपैठ का मुद्दा वैश्विक चिंता बन चुका है।
- कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक कलह का सामना कर रही है।
- भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत चुनावों में महत्वपूर्ण होगी।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मार्गदर्शन में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा निश्चित रूप से अपना लक्ष्य प्राप्त करेगी।
नई दिल्ली में भाजपा सांसद नरेश बंसल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि भाजपा में सभी कार्यकर्ता, चाहे छोटे हों या बड़े, हर चुनाव पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पार्टी का नेतृत्व भी इस दिशा में प्रयासरत है ताकि हमें जनता का आशीर्वाद और समर्थन प्राप्त हो सके। नितिन नबीन के नेतृत्व में और प्रधानमंत्री मोदी तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से भाजपा अपने लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेगी।
नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद, नरेश बंसल ने उन्हें दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष बनने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 60 वर्षों में परिवारवाद के चलते देश की राजनीति को कमजोर किया है। क्षेत्रीय दलों ने भी भारतीय राजनीति के मूल्यों को नुकसान पहुँचाया है। भाजपा राष्ट्र प्रथम के सिद्धांतों पर कार्य करती है। हमारे लिए अध्यक्ष बदलता है, लेकिन आदर्श नहीं बदलते।
भाजपा सांसद ने पीएम मोदी के घुसपैठ संबंधी बयानों पर कहा कि यह समस्या विश्व स्तर पर गंभीर है। सबसे ताकतवर देश भी इस मुद्दे से जूझ रहे हैं, जहां घुसपैठिए संसाधनों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। इसलिए सभी देशों को घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह सही कहा है कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि घुसपैठिए हमारे नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन न करें। उन्हें पहचानकर बाहर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। जनता के बीच कांग्रेस की विश्वसनीयता समाप्त हो चुकी है।
भाजपा सांसद ने कर्नाटक कांग्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गहरा आंतरिक संघर्ष चल रहा है। सरकार की गतिविधियाँ ठप हैं, विकास कार्य रुके हुए हैं, और गुटबाजी चरम पर है। विकास कार्य न होने से जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।