क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में लघु उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है? : अन्नपूर्णा देवी

सारांश
Key Takeaways
- लघु उद्योगों को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ माना गया है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लघु उद्योगों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
- राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस हर साल 30 अगस्त को मनाया जाता है।
- केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं जैसे मुद्रा योजना।
- आर्थिक सशक्तिकरण में लघु उद्योगों की अहम भूमिका है।
हजारीबाग, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग में शनिवार को दिशा की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने की। उन्होंने लघु उद्योगों को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताते हुए सभी उद्यमियों और कर्मियों को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लघु उद्योगों को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह 2047 तक एक विकसित भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी भारत और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों को मजबूती मिल रही है। साथ ही स्टार्टअप इंडिया को भी नई ऊर्जा मिल रही है। अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि केंद्र सरकार लघु और कुटीर उद्योगों के विकास के लिए मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना और सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को प्रोत्साहित करने वाली कई योजनाएं चला रही है। इन प्रयासों से आने वाले समय में लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रधानमंत्री का 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि आर्थिक सशक्तिकरण में लघु उद्योगों की अहम भूमिका को देखते हुए हर साल 30 अगस्त को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 30 अगस्त, 2001 को हुई थी।
इस वर्ष 2025 में राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस का मुख्य उद्देश्य लघु उद्योगों को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन, आर्थिक और कौशल विकास के साथ-साथ इनोवेशन को बढ़ावा देना है। भारत सरकार ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई पहल शुरू की हैं। इनमें उद्यम पंजीकरण पोर्टल, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमईजीपी, एसएफयूआरटीआई (स्फूर्ति) योजना और एमएसई के लिए सार्वजनिक खरीद नीति जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिशा की बैठक से लोगों को काफी उम्मीद होती है। इस मीटिंग में पेयजल और स्वास्थ्य को लेकर कई लोगों ने समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि यदि पेयजल को लेकर कोई समस्या आ रही है तो छोटे-छोटे फंड का भी उपयोग करके उसे दुरुस्त किया जा सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बैठक में सांसद, विधायक और उनके प्रतिनिधि क्षेत्र की समस्या से लोगों को अवगत कराते हैं, ताकि समस्या का समाधान हो सके।
हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने भी कहा कि बैठक सकारात्मक होती है, क्योंकि इसमें तमाम योजना और समस्याओं का रिव्यू किया जाता है। उन्होंने भी दुख जाहिर किया कि जिले में पेयजल को लेकर समस्या है। साथ ही पिछले बार जो मुद्दे उठे थे, उनका समाधान नहीं हो पाया है।
इस बैठक में बरकट्ठा विधायक अमित यादव, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी और मांडू विधायक तिवारी महतो शामिल हुए।