अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति को दी शुभकामनाएं
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
- लखपति दीदी योजना से 2 लाख से अधिक महिलाएं सशक्त हुई हैं।
- महिलाओं को सरकारी नौकरी और सहकारी समितियों में आरक्षण दिया जा रहा है।
- समान नागरिक संहिता महिलाओं के सम्मान से जुड़ा कानून है।
देहरादून, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर मातृशक्ति को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति परिश्रम, त्याग और समर्पण का प्रतीक रही है। राज्य के विकास और सामाजिक संरचना को मजबूत करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलायी जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन और उसके बाद प्रदेश के विकास में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। महिला सशक्तिकरण और महिलाओं का सर्वागीण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 5 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत अब तक 2 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा चुका है। राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि हमने समान नागरिक संहिता को लागू कर राज्य की जनता से किया गया वादा पूरा किया है, जो महिलाओं के सम्मान से जुड़ा कानून है। कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं की आर्थिकी को मजबूती दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी महिलाओं के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की, और विश्वास व्यक्त किया कि मातृशक्ति के सहयोग से उत्तराखंड विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों महिलाओं के संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है जो उन्होंने अपने सम्मान, समानता और अधिकारों के लिए किया है। दुनिया के कई देशों में इस दिन महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया जाता है।