मोनू मानेसर की जमानत पर रिहाई: बुलेटप्रूफ जैकेट में बाहर आए, पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए
सारांश
Key Takeaways
- मोनू मानेसर को 7 मार्च को जमानत मिली।
- उनकी रिहाई पर बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाई गई।
- मामला नासिर और जुनैद की हत्या से जुड़ा है।
- पुलिस ने सुरक्षा के लिए भारी बल तैनात किया।
- समर्थकों में खुशी का माहौल है।
भरतपुर, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के भरतपुर में ढाई साल से अधिक समय तक जेल में बंद रहे गौ रक्षक मोनू मानेसर को जयपुर हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को सेवर जेल से रिहा किया गया। मोनू की रिहाई के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
मोनू मानेसर को जेल से बाहर लाते समय बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाया गया और हरियाणा से आए गौ सेवकों ने उनका स्वागत किया। पुलिस की गाड़ियों ने उनकी गाड़ी को एस्कॉर्ट किया। मोनू के वकील नवीन कुमार जांगड़ा ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद ढाई साल बाद उनका क्लाइंट आजाद हुआ है। उन्होंने बताया, "यह मामला काफी सुर्खियों में रहा है। हमारा क्लाइंट निर्दोष है और उसे फंसाया गया था। जल्द ही न्याय मिलेगा।"
यह मामला 15 फरवरी 2023 को राजस्थान के डीग जिले के घाटमिका निवासी नासिर और जुनैद की हत्या से जुड़ा है। दोनों पर गौ तस्करी का आरोप था। पुलिस जांच में पता चला कि उनकी हत्या कर शवों को जला दिया गया। 15 फरवरी को गोपालगढ़ थाने में दोनों के लापता होने की एफआईआर दर्ज हुई। अगले दिन हरियाणा के भिवानी में एक गाड़ी मिली, जिसमें दो कंकाल पाए गए। जांच में दोनों की पहचान नासिर और जुनैद के रूप में हुई।
पुलिस ने शुरुआत में 8 लोगों को आरोपी बनाया, लेकिन बाद में जांच में मोनू मानेसर सहित कुल 22 लोगों के नाम जोड़े गए। सितंबर 2023 में मोनू को गिरफ्तार किया गया था। इस हत्याकांड ने पूरे देश में विवाद पैदा किया और गौ रक्षक संगठनों तथा राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। मोनू के समर्थक इसे साजिश बता रहे हैं, जबकि पीड़ित पक्ष न्याय की मांग कर रहा है।
रिहाई के बाद मोनू मानेसर के समर्थकों ने नारेबाजी की और उनका जोरदार स्वागत किया। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी बल तैनात किया। भरतपुर पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित की गई है। मोनू मानेसर की रिहाई से क्षेत्र में तनाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया है।