क्या कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है? पतन तय: दिलीप जायसवाल
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी के नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं का विश्वास घट रहा है।
- कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है।
- आंतरिक संघर्ष पार्टी की छवि को प्रभावित कर रहे हैं।
- सनातन धर्म में विज्ञान का समावेश है।
- देश की जनता अब अपनी राय बना रही है।
पटना, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब से राहुल गांधी ने कांग्रेस की कमान संभाली है, तब से इसका जनाधार लगातार कमजोर होता जा रहा है और पार्टी का पतन अब लगभग निश्चित है।
दिलीप जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच राहुल गांधी के नेतृत्व पर विश्वास की कमी हो गई है। पार्टी धीरे-धीरे अपने समर्थन आधार को खोती जा रही है। गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हो रही खींचतान और आंतरिक संघर्ष अब केवल पार्टी के अंदर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में स्पष्ट हो रहा है।"
राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा, "जिस तरह राहुल गांधी देश की सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठाते हैं और कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी ताकतों के बारे में बात करते हैं, उस पर मुझे बार-बार कहना पड़ता है कि अगर राहुल गांधी देश के बाहर रहते हैं, तो उन्हें देश के प्रति वफादार रहना चाहिए।"
दिलीप जायसवाल ने सनातन धर्म के बारे में भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को पूरी दुनिया विज्ञान पर आधारित मानती है और इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सही बातें कही हैं। जायसवाल ने कहा, "सनातन धर्म में भगवान के नाम में भी विज्ञान छिपा है।"
उन्होंने समझाते हुए कहा, "भ से भूमि, ग से गगन, व से वायु, अ से अनल और न से नीर। यानी भगवान शब्द में ही पंच तत्वों का उल्लेख है। यह अपने आप में विज्ञान है।"
दिलीप जायसवाल ने आगे कहा कि सनातन धर्म न केवल भारत को, बल्कि पूरी दुनिया को सही रास्ता दिखा सकता है। यह परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच एक मजबूत सेतु बनाता है और समाज को दिशा देने का कार्य करता है।
उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस का गिरता जनाधार और नेतृत्व को लेकर असंतोष आने वाले समय में पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब सब कुछ देख रही है और उसी के आधार पर अपना फैसला करेगी।