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क्या राम कथा केवल अतीत का वर्णन है या यह एक नैतिक मार्गदर्शक है?

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क्या राम कथा केवल अतीत का वर्णन है या यह एक नैतिक मार्गदर्शक है?

सारांश

क्या राम कथा अतीत की एक कहानी है या यह आज के लिए एक नैतिक मार्गदर्शक है? दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने राम कथा के महत्व को उजागर किया है। जानें इस अद्भुत कथा के पीछे की गहराई और इसके सामाजिक प्रभाव।

मुख्य बातें

राम कथा एक नैतिक मार्गदर्शक है।
भगवान श्री राम के जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम 25 जनवरी तक चलेगा।
आचार्य लोकेश मुनि का योगदान महत्वपूर्ण है।
मोरारी बापू के प्रवचन प्रेरणादायक हैं।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को यह स्पष्ट किया कि राम कथा महज अतीत की कहानी नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक नैतिक मार्गदर्शक और विश्व शांति का आह्वान है।

राम कथा कार्यक्रम के संयोजक के रूप में सभा को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि जब दुनिया युद्ध, हिंसा और विश्वास के संकट का सामना कर रही है, तब भगवान श्री राम का जीवन और आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि सच्चा नेतृत्व चरित्र, करुणा, संयम, और नैतिक साहस पर आधारित होना चाहिए।

यह कार्यक्रम 25 जनवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से आयोजित किया जा रहा है।

गुप्ता ने आगे कहा कि भगवान श्री राम का जीवन यह दर्शाता है कि शक्ति सेवा के लिए है, त्याग ही असली ताकत है, और धर्म केवल रस्म नहीं, बल्कि नैतिक साहस के सिद्धांत हैं, जो आज भी सार्वजनिक जीवन में अत्यंत प्रासंगिक हैं।

यह राम कथा आचार्य लोकेश मुनि द्वारा स्थापित अहिंसा विश्व भारती के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। इसमें गुजरात के आध्यात्मिक नेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध राम कथाकार मोरारी बापू प्रवचन देंगे।

पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद आयोजन समिति के अध्यक्ष हैं।

गुप्ता ने कहा कि राम कथा ऐतिहासिक रूप से नैतिकता, बंधुत्व, और मानवता के मूल्यों को फैलाने का एक सशक्त माध्यम रही है और यह भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न अंग है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूज्य मोरारी बापू ने दशकों तक राम कथा के माध्यम से मानवता के इस संदेश को समाज के हृदय तक पहुंचाया है। इसे विश्व शांति केंद्र मिशन को समर्पित करना समाज, राष्ट्र और विश्व के कल्याण के प्रति सचेत और उद्देश्यपूर्ण प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वक्ता ने कहा कि विश्व शांति केंद्र की परिकल्पना एक नैतिक और आध्यात्मिक मंच के रूप में की गई है जो संवाद, करुणा और अहिंसक जुड़ाव के माध्यम से विश्व में युद्ध, हिंसा और संघर्ष की स्थितियों का समाधान कर सकता है।

उन्होंने स्वीकार किया कि आचार्य लोकेश मुनि ने अहिंसा की प्राचीन जैन परंपरा को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भगवान श्री राम के करुणामय दर्शन के अनुरूप जैन अहिंसा का यह पुनरुत्थान, आज के खंडित वैश्विक परिवेश में शांति का एक विश्वसनीय और सार्थक मार्ग प्रस्तुत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में नैतिकता और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम भी है। यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर का एक अभिन्न हिस्सा है और आज की संवेदनशीलता में इसके संदेश को समझना आवश्यक है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम कथा का महत्व क्या है?
राम कथा का महत्व नैतिकता, मानवता और बंधुत्व के मूल्यों को फैलाने में है। यह एक प्रेरणादायक कथा है जो हमें सही मार्ग दिखाती है।
मोरारी बापू का योगदान क्या है?
मोरारी बापू ने राम कथा के माध्यम से मानवता के संदेश को समाज के हृदय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
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