लखीमपुर खीरी सड़क हादसे में 9 की मौत: PM मोदी ने ₹2 लाख मुआवज़े का ऐलान, राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 18 मई को एक भीषण सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जब NH-730 पर इसानागर थाना क्षेत्र के सिसैया के पास एक तेज़ रफ़्तार ट्रक और वैन की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। अधिकारियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया और केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
हादसे का घटनाक्रम
हादसा NH-730 पर इसानागर पुलिस थाना क्षेत्र में सिसैया के निकट हुआ। एक तेज़ रफ़्तार ट्रक वैन से सीधे टकरा गया। अधिकारियों के अनुसार टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि वैन पूरी तरह नष्ट हो गई और उसमें सवार यात्रियों को बचने का मौका नहीं मिला। 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की संवेदनाएँ
राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर राष्ट्रपति मुर्मु के हवाले से लिखा, 'उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूँ। मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूँ।'
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा, 'उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई दुर्घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल लोग जल्द से जल्द स्वस्थ हों।'
आर्थिक सहायता की घोषणा
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। इसके अलावा हादसे में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को ₹50,000 की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे प्रभावित परिवारों को दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद लखीमपुर खीरी में हुई यह दुर्घटना 'अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक' है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि घायलों और पीड़ितों को 'त्वरित एवं समुचित सहायता' उपलब्ध कराई जाए।
आगे क्या
स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। घायलों का उपचार जारी है। हादसे के कारणों की जाँच की जा रही है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि NH-730 जैसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज़ रफ़्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त प्रवर्तन की ज़रूरत है।