क्या लखनी साहू के समर्पण ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया? : विष्णु देव साय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या लखनी साहू के समर्पण ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया? : विष्णु देव साय

सारांश

छत्तीसगढ़ की लखनी साहू ने अपने समर्पण और सेवा के माध्यम से न केवल प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि युवा वर्ग को देश सेवा के लिए प्रेरित भी किया है। जानिए कैसे उन्होंने एनएसएस के जरिए समाज में बदलाव लाया।

मुख्य बातें

लखनी साहू का समर्पण और सेवा छत्तीसगढ़ का गौरव है।
उन्हें माई भारत एनएसएस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करती है।
एनएसएस का उद्देश्य समाज सेवा के माध्यम से छात्रों का विकास करना है।
यह योजना 1969 से शुरू की गई थी।

रायपुर, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लखनी साहू की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण, सेवा और कर्मठता ने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

लखनी साहू को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा माई भारत एनएसएस राष्ट्रीय पुरस्कार (2022-23) से सम्मानित किया गया है।

लखनी साहू को मिले इस सम्मान पर सीएम विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ की बेटी, देश का गौरव, कोरबा की बिटिया लखनी साहू, ई. विश्वेश्वरैया इंजीनियरिंग कॉलेज की एनएसएस स्वयंसेविका ने अपने समर्पण, सेवा और कर्मनिष्ठा से पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।

उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें माई भारत एनएसएस राष्ट्रीय पुरस्कार (2022-23) से सम्मानित किया है, जो हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का क्षण है। लखनी साहू ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है, उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को देश सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। लखनी को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएं

सीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट से 1 मिनट 10 सेकंड का वीडियो भी साझा किया। वीडियो में लखनी साहू के द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया गया।

बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 6 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2022-23 के लिए माई भारत - राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्रदान किए। माई भारत - राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। इसका उद्देश्य स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना है।

यह योजना 1969 में महात्मा गांधी के जन्म शताब्दी समारोह के दौरान शुरू की गई थी। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा 1993-94 में स्थापित माई भारत-एनएसएस पुरस्कार, समाज सेवा, सामुदायिक विकास और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में युवाओं के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान करते हुए उत्सव मनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाती हैं कि युवा पीढ़ी में समाज सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। ऐसे उदाहरण हमारे राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनी साहू को कौन सा पुरस्कार मिला?
लखनी साहू को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा माई भारत एनएसएस राष्ट्रीय पुरस्कार (2022-23) से सम्मानित किया गया।
लखनी साहू ने किस क्षेत्र में योगदान दिया?
लखनी साहू ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
माई भारत एनएसएस पुरस्कार का उद्देश्य क्या है?
माई भारत एनएसएस पुरस्कार का उद्देश्य समाज सेवा, सामुदायिक विकास और राष्ट्र निर्माण में युवाओं के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करना है।
एनएसएस कब शुरू की गई थी?
यह योजना 1969 में महात्मा गांधी के जन्म शताब्दी समारोह के दौरान शुरू की गई थी।
वीडियो में क्या दिखाया गया है?
वीडियो में लखनी साहू द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 6 घंटे पहले
  3. 6 घंटे पहले
  4. 6 घंटे पहले
  5. 6 घंटे पहले
  6. 6 घंटे पहले
  7. 7 घंटे पहले
  8. 7 घंटे पहले