क्या लालू अस्वस्थ हैं, तेजस्वी राजनीतिक रूप से गायब हैं, और तेज प्रताप ने कमान संभाली?
सारांश
Key Takeaways
- नीरज कुमार ने सरकार, लोकतंत्र और सामाजिक संतुलन पर चर्चा की।
- लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक है।
- तेज प्रताप यादव ने 'दही-चूड़ा' कार्यक्रम का आयोजन किया।
- गहनों की दुकानों में हिजाब, मास्क और हेलमेट पर प्रतिबंध पर सवाल उठाए गए।
- जेएनयू में नारेबाजी के मुद्दे पर गरिमा का ध्यान रखने की सलाह दी गई।
पटना, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता नीरज कुमार ने तीन विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करते हुए सरकार, लोकतंत्र और सामाजिक संतुलन की चर्चा की। उन्होंने गहनों की दुकानों में हिजाब, मास्क और हेलमेट पर प्रतिबंध, जेएनयू में नारेबाजी और 14 जनवरी को होने वाले दही-चूड़ा कार्यक्रम पर बयान दिए।
गहनों की दुकानों में हिजाब, मास्क और हेलमेट पर लगाए जा रहे प्रतिबंध पर नीरज कुमार ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि अगर कोई महिला धार्मिक या सांस्कृतिक कारणों से अपना चेहरा ढकती है, तो व्यापारी संघों को इसमें दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। यह न तो सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा मामला है, न नैतिकता से और न ही स्वास्थ्य से।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह के प्रतिबंध के लिए कोई कानूनी अधिसूचना या सरकारी आदेश भी नहीं है। नीरज कुमार ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है और डॉक्टर की सलाह पर वह मास्क पहनता है, तो क्या उसे दुकान में प्रवेश से रोका जाएगा? आज मास्क पर रोक लगाई जा रही है, कल हेलमेट पर भी सवाल उठ सकता है, खासकर सर्दियों में जब लोग सुरक्षा के लिए हेलमेट साथ रखते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन मनमाने प्रतिबंध स्वीकार्य नहीं हैं।
जेएनयू परिसर में नारेबाजी के मुद्दे पर नीरज कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की जगह होती है, लेकिन हर किसी को अपनी गरिमा और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी न्यायिक फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करना कानूनी अधिकार है, लेकिन बार-बार नारेबाजी करना, माहौल बिगाड़ना और मुद्दे का राजनीतिकरण करना जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था की परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
वहीं, 14 जनवरी को आयोजित होने वाले 'दही-चूड़ा' कार्यक्रम पर बोलते हुए नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद यादव अस्वस्थ हैं और उनकी मोतियाबिंद की सर्जरी हुई है। तेजस्वी यादव राजनीतिक रूप से सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे समय में तेज प्रताप यादव ने, जो शिक्षित हैं और चुनाव हारने के बावजूद हिम्मत नहीं हारे हैं, इस कार्यक्रम का आयोजन किया है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन महुआ बाग या कौटिल्य नगर में हो सकता है, ताकि कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम देखने का अवसर मिले और संपत्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट रहे।