भूस्खलन के चलते श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग का यातायात लगातार दूसरे दिन भी रुका

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भूस्खलन के चलते श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग का यातायात लगातार दूसरे दिन भी रुका

सारांश

श्रीनगर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रामबन जिले के बनिहाल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात लगातार दूसरे दिन बंद रहा। सड़क के साफ करने का कार्य जारी है, लेकिन बारिश ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।

Key Takeaways

  • भूस्खलन के कारण राजमार्ग पर यातायात बंद है।
  • सड़क की मरम्मत का कार्य जारी है।
  • यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा न करें।
  • बारिश ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।
  • यह राजमार्ग घाटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

श्रीनगर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रामबन जिले के बनिहाल सेक्टर में हालिया भूस्खलन के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा।

यातायात विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच44) अवरुद्ध हो गया है और शालगढ़ी, बनिहाल में सड़क को साफ करने का कार्य जारी है, जिसमें कुछ समय लगेगा।

इस बीच, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बारिश हो रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक एनएच-44 पर यात्रा न करें।

अधिकारियों ने कहा है, "कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और श्रीनगर व जम्मू में स्थित यातायात पुलिस के नियंत्रण कक्षों से मार्ग की स्थिति की जानकारी लें।"

सोमवार को राजमार्ग को वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया था, लेकिन ताजा हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण सड़क फिर से बंद हो गई।

रामबन जिले के करोल ब्रिज और चंदरकोट में भूस्खलन के मलबे को हटाया जा रहा था, तभी बनिहाल सेक्टर में एक और भूस्खलन हो गया।

जम्मू डिवीजन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश हो रही है। अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम के कारण मरम्मत का कार्य बाधित हो गया है।

लगभग 300 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग, जो पहाड़ियों और जमीन से घिरे घाटी क्षेत्र से होकर गुजरता है, यहाँ के लोगों के लिए जीवन रेखा की तरह है। अधिकांश आवश्यक वस्तुएं अभी भी इसी राजमार्ग के माध्यम से घाटी में पहुंचाई जाती हैं।

जम्मू और घाटी के बीच रेल संपर्क चालू होने के बावजूद, एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन के साथ-साथ मटन, पोल्ट्री और सब्जियां अभी भी टैंकरों और ट्रकों के माध्यम से घाटी में पहुंचाई जाती हैं।

जब तक मालगाड़ियां व्यस्त मौसम के दौरान जीवन की आवश्यक वस्तुएं और फल-सब्जियां ले जाना शुरू नहीं करतीं, तब तक घाटी के लोग राजमार्ग पर ही निर्भर रहेंगे।

नए पुलों, फ्लाईओवरों और सुरंगों के निर्माण के साथ-साथ बड़े पैमाने पर नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कार्यों के कारण श्रीनगर और जम्मू के बीच यात्रा का समय पहले के 10-12 घंटे से घटकर लगभग पांच घंटे रह गया है।

इसके बावजूद, रामसू से रामबन तक का यह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील होने के कारण राजमार्ग मौसम पर अत्यधिक निर्भर रहता है। बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण इस हिस्से में अक्सर राजमार्ग अवरुद्ध हो जाता है और मरम्मत कार्य में कई दिन लग जाते हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं हमारी बुनियादी ढांचे की मजबूती और सुरक्षा को चुनौती देती हैं। यह घटना न केवल यातायात को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्थानीय समुदायों की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को भी बाधित कर रही है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

भूस्खलन के कारण श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग कब बंद हुआ?
राजमार्ग 8 अप्रैल को भूस्खलन के कारण बंद हुआ और यह लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा।
क्या यातायात विभाग ने सड़क की मरम्मत शुरू की है?
हाँ, शालगढ़ी, बनिहाल में सड़क को साफ करने का काम चल रहा है।
यातायात विभाग ने यात्रियों को क्या सलाह दी है?
यातायात विभाग ने सलाह दी है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक एनएच-44 पर यात्रा न करें।
क्या राजमार्ग पर बारिश का असर है?
हाँ, लगातार बारिश के कारण मरम्मत का कार्य बाधित हो रहा है।
इस राजमार्ग का महत्व क्या है?
यह राजमार्ग घाटी क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन रेखा की तरह है, क्योंकि अधिकांश आवश्यक वस्तुएं इसी मार्ग से पहुंचाई जाती हैं।
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