शत्रुघन सिन्हा ने कहा: पश्चिम बंगाल में भाजपा की रणनीति असफल होगी
सारांश
Key Takeaways
- शत्रुघन सिन्हा का भाजपा पर तीखा हमला
- पश्चिम बंगाल में भाजपा की रणनीति पर सवाल
- ममता बनर्जी की प्रशंसा
- भ्रष्टाचार के आरोपों का खुलासा
- चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी में तेजी
पटना, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता और टीएमसी सांसद शत्रुघन सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीव्र हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में उसकी राजनीतिक रणनीति सफल होने वाली नहीं है।
शनिवार को पटना में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान शत्रुघन सिन्हा ने एक हालिया वायरल वीडियो का उल्लेख किया और कहा कि इसमें काफी सत्यता है, जो भाजपा की कथित साजिशों का पर्दाफाश करता है।
उन्होंने बताया कि टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपनी बुद्धिमत्ता से भाजपा के '1,000 करोड़ के सौदे' घोटाले का खुलासा किया है, जिसका प्रभाव अब पूरे देश में देखा जा रहा है।
सिन्हा ने भाजपा के 'वॉशिंग मशीन' जैसे व्यवहार की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल किया जाता है और बाद में उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया जाता है।
उन्होंने महाराष्ट्र में घटित घटनाक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े घोटालों में पहले आरोपी रहे व्यक्तियों को भाजपा में शामिल होने के बाद प्रमुख पद दिए गए।
सिन्हा ने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल में ऐसे आरोप झेलने वाले नेताओं के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी।
ममता बनर्जी की प्रशंसा करते हुए शत्रुघन सिन्हा ने उन्हें 'आयरन लेडी' करार दिया और उनके नेतृत्व को परखा हुआ और सिद्ध बताया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता उनके साथ मजबूती से खड़ी है और विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में टीएमसी को निर्णायक जीत मिलेगी।
शत्रुघन सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कई पुराने वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
उन्होंने बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और वित्तीय लाभ जैसे वादों की चर्चा करते हुए कहा कि ये अब सार्वजनिक आलोचना का विषय बन चुके हैं।
मनरेगा (अब वीबी जी राम जी) के तहत लंबित धनराशि के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लाभार्थियों के लिए निर्धारित बड़ी रकम अब तक केंद्र सरकार द्वारा जारी नहीं की गई है।
सिन्हा की टिप्पणियों से चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी में और तेजी आई है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में पार्टियां एक-दूसरे पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं।