लता मंगेशकर ने कहा था — 'नरेंद्र भाई का ध्यान सत्ता से ज़्यादा लोगों पर', मोदी के 76वें जन्मदिन पर याद आई वो बात
सारांश
मुख्य बातें
भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर ने एक बार लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाकी नेताओं से इसलिए अलग हैं क्योंकि उनका ध्यान सत्ता से ज़्यादा आम लोगों के लिए कुछ करने पर रहता है। 17 सितंबर को मोदी का 76वाँ जन्मदिन है, और इस अवसर पर उनसे जुड़ी वे यादें एक बार फिर सुर्खियों में हैं जो भारत की सुर-साम्राज्ञी ने अपने लेखन और बातचीत में दर्ज की थीं।
किताब की प्रस्तावना में दर्ज हुए विचार
लता मंगेशकर ने पुस्तक 'मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' की प्रस्तावना में मोदी के बारे में अपने विचार विस्तार से लिखे थे। उन्होंने लिखा था कि वह उन्हें कई वर्षों से जानती हैं और उनके काम को गहरी दिलचस्पी से देखती रही हैं। उनके अनुसार, मोदी की प्राथमिकताएँ अन्य नेताओं से भिन्न हैं और उनकी बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि उनका ध्यान सत्ता से ज़्यादा जनसेवा पर केंद्रित है।
लता मंगेशकर ने इसी प्रस्तावना में महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा था कि जिस तरह गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम को एक जन आंदोलन बनाया, उसी तरह नरेंद्र भाई देश की विकास यात्रा को भी जन आंदोलन से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
दशकों पुराना भाई-बहन का रिश्ता
लता मंगेशकर प्रधानमंत्री मोदी को 'नरेंद्र भाई' कहकर बुलाती थीं और वे उन्हें अपनी बड़ी बहन मानते थे। लता जी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया था कि दोनों के बीच कई दशकों से सम्मान और अपनेपन का रिश्ता था। रक्षाबंधन पर लता दीदी उन्हें राखी भेजती थीं और मोदी फोन या चिट्ठी के ज़रिए उनका जवाब देते थे।
जब मोदी उनसे मिलने जाते थे, तो लता जी उन्हें गुजराती खाना खिलाती थीं — यह आत्मीयता उनके रिश्ते की गहराई को दर्शाती है।
2019 का वह यादगार फोन
2019 में लता मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर मोदी ने अमेरिका रवाना होने से पहले उन्हें फोन कर शुभकामनाएँ दी थीं। उस बातचीत में लता जी ने देश में हो रहे बदलावों पर खुशी जताते हुए कहा था कि उन्हें लगता है देश की तस्वीर बदल रही है और इससे उन्हें संतोष मिलता है। यह बातचीत बाद में रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी साझा की गई थी।
2013 में सार्वजनिक रूप से जताई थी इच्छा
नवंबर 2013 में पुणे में दीनानाथ मंगेशकर सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन के अवसर पर, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, तब लता मंगेशकर ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि वह उन्हें देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं।
निधन पर मोदी की भावुक श्रद्धांजलि
2022 में लता मंगेशकर के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने गहरे दुख के साथ लिखा था — 'मैं यह दुख शब्दों में बयाँ नहीं कर पा रहा हूँ। दयालु और देखभाल करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं। वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई हैं, जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियाँ उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज़ में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।'
गौरतलब है कि यह रिश्ता महज़ एक सार्वजनिक व्यक्तित्व की प्रशंसा नहीं था — यह दशकों की व्यक्तिगत आत्मीयता और परस्पर सम्मान की अभिव्यक्ति थी, जो मोदी के 76वें जन्मदिन पर एक बार फिर देशवासियों के मन को छू रही है।