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लता मंगेशकर ने कहा था — 'नरेंद्र भाई का ध्यान सत्ता नहीं, लोगों के लिए कुछ करने पर है'

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लता मंगेशकर ने कहा था — 'नरेंद्र भाई का ध्यान सत्ता नहीं, लोगों के लिए कुछ करने पर है'

सारांश

मोदी के 76वें जन्मदिन पर फिर चर्चा में है वह प्रसंग — जब भारत रत्न लता मंगेशकर ने लिखा कि नरेंद्र भाई की प्राथमिकताएँ बाकी नेताओं से अलग हैं और उनका ध्यान सत्ता से ज़्यादा जनसेवा पर है। रक्षाबंधन की राखी से लेकर गुजराती खाने तक — यह रिश्ता दशकों पुराना था।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को 76वाँ जन्मदिन मना रहे हैं।
स्वर्गीय लता मंगेशकर ने 'मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' की प्रस्तावना में मोदी को बाकी नेताओं से 'अलग' बताया था।
लता दीदी हर रक्षाबंधन पर मोदी को राखी भेजती थीं; दोनों के बीच भाई-बहन का रिश्ता दशकों पुराना था।
नवंबर 2013 में पुणे में सार्वजनिक मंच से लता मंगेशकर ने मोदी को प्रधानमंत्री देखने की इच्छा जताई थी।
2019 में 90वें जन्मदिन पर हुई उनकी बातचीत रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में साझा की गई थी।
2022 में निधन पर मोदी ने कहा — 'लता दीदी ने एक ऐसा खालीपन छोड़ा है जिसे भरा नहीं जा सकता।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को अपना 76वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर उनसे जुड़ी स्मृतियाँ और प्रसंग एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं — खासतौर पर भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर के साथ उनके विशेष बंधन का वह किस्सा, जिसमें लता दीदी ने उन्हें शेष नेताओं से 'अलग' बताया था।

भाई-बहन का अनूठा रिश्ता

लता मंगेशकर प्रधानमंत्री मोदी को सदा 'नरेंद्र भाई' कहकर संबोधित करती थीं और मोदी उन्हें अपनी बड़ी बहन मानते थे। लता दीदी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया था कि दोनों के बीच कई दशकों का सम्मान और अपनापन था। हर रक्षाबंधन पर लता मंगेशकर मोदी को राखी भेजती थीं और वे फोन या चिट्ठी के ज़रिए उसका जवाब देते थे। जब वे उनसे मिलने आते, तो लता दीदी उन्हें गुजराती खाना भी परोसती थीं।

किताब की प्रस्तावना में दर्ज आकलन

लता मंगेशकर ने 'मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' पुस्तक की प्रस्तावना में अपने विचार दर्ज किए थे। उन्होंने लिखा था कि वे मोदी को कई वर्षों से जानती थीं और उनके काम को गहरी दिलचस्पी से देखती थीं। उनके शब्दों में, 'उनकी प्राथमिकताएँ कुछ अलग दिखाई देती हैं और उनकी बातचीत से मुझे महसूस हुआ कि उनका ध्यान सत्ता से ज़्यादा लोगों के लिए कुछ करने पर है।'

उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए यह भी कहा था कि जिस प्रकार गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम को जनआंदोलन बनाया और आम लोगों को उससे जोड़ा, उसी तरह नरेंद्र भाई भी देश की विकास यात्रा को एक जनआंदोलन से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे।

2013 में सार्वजनिक रूप से जताई थी इच्छा

नवंबर 2013 में पुणे में दीनानाथ मंगेशकर सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में — जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे — लता मंगेशकर ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि वे उन्हें देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं।

जन्मदिन पर फोन और 'मन की बात' की यादें

2019 में लता मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर, अमेरिका रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन कर शुभकामनाएँ दी थीं। उस बातचीत में लता मंगेशकर ने देश में हो रहे बदलावों पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और कहा था कि उन्हें लग रहा है कि देश की तस्वीर बदल रही है। यह बातचीत बाद में रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी साझा की गई।

निधन पर मोदी की भावुक श्रद्धांजलि

2022 में लता मंगेशकर के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'मैं यह दुख शब्दों में बयाँ नहीं कर पा रहा हूँ। दयालु और देखभाल करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं। वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई हैं, जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियाँ उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज़ में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।' यह भावुक श्रद्धांजलि दोनों के बीच के गहरे बंधन की गवाही देती है, जो पीढ़ियों और सीमाओं से परे था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उस दौर में एक दुर्लभ सांस्कृतिक समर्थन था। हर जन्मदिन पर इस प्रसंग का सामने आना दर्शाता है कि मोदी की राजनीतिक छवि निर्माण में इस भावनात्मक विरासत का उपयोग एक सुव्यवस्थित आख्यान के रूप में होता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे महज़ एक 'मार्मिक किस्से' तक सीमित कर देती है, जबकि एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतीक की राजनीतिक अभिव्यक्ति का ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ कहीं अधिक गहरा है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लता मंगेशकर ने PM मोदी के बारे में क्या लिखा था?
लता मंगेशकर ने 'मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' पुस्तक की प्रस्तावना में लिखा था कि नरेंद्र भाई की प्राथमिकताएँ बाकी नेताओं से अलग हैं और उनका ध्यान सत्ता से ज़्यादा लोगों के लिए कुछ करने पर है। उन्होंने मोदी की तुलना महात्मा गांधी की जनआंदोलन शैली से भी की थी।
लता मंगेशकर और PM मोदी के बीच किस तरह का रिश्ता था?
लता मंगेशकर और PM मोदी के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था — लता दीदी उन्हें 'नरेंद्र भाई' कहती थीं और हर रक्षाबंधन पर राखी भेजती थीं। मोदी उनसे मिलने जाते तो वे उन्हें गुजराती खाना खिलाती थीं, और फोन व चिट्ठी के ज़रिए दोनों का संपर्क बना रहता था।
लता मंगेशकर ने कब मोदी को प्रधानमंत्री बनते देखने की इच्छा जताई थी?
नवंबर 2013 में पुणे में दीनानाथ मंगेशकर सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में लता मंगेशकर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे मोदी को देश का प्रधानमंत्री देखना चाहती हैं। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री और BJP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे।
मोदी के 76वें जन्मदिन पर लता मंगेशकर की यादें क्यों चर्चा में हैं?
PM मोदी 17 सितंबर 2026 को 76वाँ जन्मदिन मना रहे हैं और इस अवसर पर उनसे जुड़े विशेष प्रसंग फिर सुर्खियों में हैं। लता मंगेशकर के साथ उनका दशकों पुराना भावनात्मक बंधन और पुस्तक प्रस्तावना में दर्ज उनके विचार इस संदर्भ में विशेष रूप से उल्लेखनीय माने जाते हैं।
लता मंगेशकर के निधन पर PM मोदी ने क्या कहा था?
2022 में लता मंगेशकर के निधन पर मोदी ने लिखा कि 'दयालु और देखभाल करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं — उन्होंने एक ऐसा खालीपन छोड़ा है जिसे भरा नहीं जा सकता।' उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियाँ उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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