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लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट: हरमनप्रीत बोलीं — 'देर हुई, पर बहुत ज़्यादा नहीं'

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लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट: हरमनप्रीत बोलीं — 'देर हुई, पर बहुत ज़्यादा नहीं'

सारांश

लॉर्ड्स में पहली बार महिला टेस्ट — यह सिर्फ एक मैच नहीं, एक पीढ़ी के इंतज़ार का अंत है। हरमनप्रीत कौर के शब्दों में 'देर हुई, पर बहुत ज़्यादा नहीं' — यह वाक्य महिला क्रिकेट की लंबी लड़ाई और उसके धीमे, लेकिन सुनिश्चित बदलाव को बयाँ करता है।

मुख्य बातें

10 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में भारत बनाम इंग्लैंड एकमात्र महिला टेस्ट मैच शुरू होगा — यह लॉर्ड्स का पहला महिला टेस्ट है।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इसे 'बहुत बड़ा पल' बताया और कहा — 'शायद देर हुई, पर बहुत ज़्यादा नहीं।' दाएं घुटने की चोट के कारण प्रतिका रावल टेस्ट से बाहर हो गई हैं।
टीम ने रेड-बॉल क्रिकेट के लिए चार-पाँच नेट सेशन किए; विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद यह बड़ा फॉर्मेट बदलाव है।
हरमनप्रीत ने स्पिन गेंदबाज़ी को टीम की मुख्य ताकत बताया; अंतिम एकादश पिच देखकर तय होगी।
भारत का पिछला टेस्ट मार्च 2026 में था; कप्तान ने भविष्य में और टेस्ट मैचों की उम्मीद जताई।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 9 जुलाई 2026 को लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 10 जुलाई (शुक्रवार) से शुरू हो रहा भारत बनाम इंग्लैंड एकमात्र टेस्ट मैच महिला क्रिकेट के लिए 'बहुत बड़ा पल' है। यह लॉर्ड्स के इतिहास में खेला जाने वाला पहला महिला टेस्ट मैच होगा — एक ऐसा मील का पत्थर जिसका इंतज़ार पीढ़ियों को था।

बचपन का सपना, मैदान पर हकीकत

हरमनप्रीत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा पल है। एक कप्तान और एक खिलाड़ी के तौर पर, मैं इस मौके का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूँ। बचपन में हम हमेशा टेस्ट मैच खेलने का सपना देखते थे। लॉर्ड्स में खेलना हमारे सपनों में से एक था।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूरी टीम इस अवसर को लेकर उत्साह से भरी है।

ऐतिहासिक महत्व पर बात करते हुए कप्तान ने कहा, 'हमें यह महसूस करने में इतने साल लग गए कि महिलाएं भी लॉर्ड्स टेस्ट मैचों का हिस्सा बन सकती हैं। शायद इसमें देर हो गई है, लेकिन बहुत ज़्यादा देर नहीं हुई है। फिर भी, मैं खेल रही हूँ और इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनने का मौका पा रही हूँ।'

रेड-बॉल क्रिकेट की चुनौती

भारतीय महिला टीम साल में बेहद कम टेस्ट मैच खेलती है। विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद टीम ने रेड-बॉल क्रिकेट के लिए चार-पाँच नेट सेशन किए। हरमनप्रीत ने माना कि यह बदलाव तकनीकी और मानसिक दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण है।

उन्होंने कहा, 'सच कहूँ तो, यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण है क्योंकि हमें रेड-बॉल से खेलने की उतनी आदत नहीं है, लेकिन हम सभी इस मैच को लेकर बहुत उत्साहित हैं। जब आप किसी चीज़ को लेकर उत्साहित होते हैं, तो आप हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।' गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम ने इससे पहले मार्च 2026 में एक टेस्ट मैच खेला था।

प्रतिका रावल की चोट — बड़ा झटका

कप्तान ने स्वीकार किया कि दाएं घुटने की चोट के कारण प्रतिका रावल का टेस्ट से बाहर होना टीम के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा, 'जब हमें इसके बारे में पता चला तो वह बहुत दुखद पल था। हमने उन्हें सहज महसूस कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से वह पूरी तरह तैयार नहीं हैं।'

हालाँकि, हरमनप्रीत ने टीम की स्पिन ताकत और बेंच स्ट्रेंथ पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि अंतिम एकादश का फैसला पिच की स्थिति देखकर किया जाएगा, क्योंकि मैच से पहले तक पिच पर काम जारी था।

महिला टेस्ट क्रिकेट का भविष्य

जब हरमनप्रीत से महिला टेस्ट मैचों की संख्या बढ़ाने पर राय माँगी गई, तो उन्होंने उच्च अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए कहा, 'बतौर क्रिकेटर हम निश्चित रूप से कई टेस्ट मुकाबलों का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन यह पूरी तरह उच्च अधिकारियों का फैसला है। मैंने इतने वर्षों में महिला क्रिकेट को आगे बढ़ते देखा है। चीज़ें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर महिला क्रिकेट को अधिक टेस्ट मैच दिलाने की माँग तेज़ हो रही है। लॉर्ड्स का यह ऐतिहासिक टेस्ट उस बहस को नई ऊर्जा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उतना ही ज़रूरी है कि यह मौका इतने दशकों बाद क्यों आया। हरमनप्रीत का 'देर हुई' वाला बयान महिला क्रिकेट प्रशासन की उस पुरानी उदासीनता को रेखांकित करता है जिसने टेस्ट क्रिकेट को पुरुषों का एकाधिकार बनाए रखा। एक साल में एक या दो टेस्ट मैच से न तो खिलाड़ियों का कौशल निखरता है, न दर्शकों की आदत बनती है — यह 'सही दिशा' तब मानी जाएगी जब महिला टेस्ट कैलेंडर में नियमित और बहु-मैच सीरीज़ दिखें, न कि अपवाद के रूप में एकल टेस्ट।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच कब और किनके बीच खेला जाएगा?
यह एकमात्र टेस्ट मैच 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) से लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच खेला जाएगा। यह लॉर्ड्स के इतिहास में पहला महिला टेस्ट मैच है।
हरमनप्रीत कौर ने इस मैच को लेकर क्या कहा?
हरमनप्रीत कौर ने इसे 'बहुत बड़ा पल' बताया और कहा कि लॉर्ड्स में खेलना उनका बचपन का सपना था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि महिलाओं को यह मौका मिलने में देर ज़रूर हुई, लेकिन 'बहुत ज़्यादा देर नहीं हुई।'
प्रतिका रावल इस टेस्ट में क्यों नहीं खेल रही हैं?
दाएं घुटने की चोट के कारण प्रतिका रावल इस टेस्ट मैच से बाहर हो गई हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इसे 'दुखद पल' बताया, लेकिन कहा कि अन्य खिलाड़ी नेट सेशन में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और उस जगह को भर देंगी।
भारतीय महिला टीम ने रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी कैसे की?
टीम ने विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद चार-पाँच नेट सेशन किए। हरमनप्रीत ने माना कि रेड-बॉल क्रिकेट में ढलना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन टीम का उत्साह उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर हरमनप्रीत का क्या कहना है?
हरमनप्रीत ने कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर वह अधिक से अधिक टेस्ट मैच खेलना चाहती हैं, लेकिन यह फैसला उच्च अधिकारियों का है। उन्होंने कहा कि 'चीज़ें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं' और भविष्य में और टेस्ट मैचों की उम्मीद जताई।
राष्ट्र प्रेस
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