लखनऊ होमगार्ड भर्ती दौड़ में युवक की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम में बोतल से दम घुटना कारण
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के महानगर स्थित 35वीं वाहिनी पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती परीक्षा की दौड़ के दौरान 15 सितंबर 2026 को अभ्यर्थी योगेंद्र सिंह (25) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण प्लास्टिक की पानी की बोतल से गले में रुकावट बताया गया है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर 19 सितंबर 2026 को महानगर थाने में हत्या की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
15 सितंबर को भर्ती दौड़ के दौरान योगेंद्र सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। योगेंद्र सीतापुर जिले के रामपुर थाना क्षेत्र के मढ़िया रहीमपुर गाँव के निवासी थे।
पुलिस ने घटना के बाद पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई, जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण 'प्लास्टिक की बोतल से दम घुटना' दर्ज किया गया है।
परिजनों की आपत्ति और एफआईआर
19 सितंबर को मृतक के भाई कमल किशोर की तहरीर पर महानगर थाने में हत्या की धारा के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। कमल किशोर ने सवाल उठाया है कि यदि पानी पीते समय बोतल गले में फँसी, तो यह किन परिस्थितियों में हुआ और इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने समय पर क्या कदम उठाए।
परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि मामले की जाँच किसी उच्च स्तरीय एजेंसी से कराई जाए।
पुलिस की प्रतिक्रिया
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के अनुसार, पाँच सदस्यीय जाँच टीम गठित की गई है। यह टीम सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाने में लगी है। अधिकारियों ने कहा कि जाँच पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों की मौत की यह पहली घटना नहीं है। उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्तता और आपातकालीन प्रबंधन पर सवाल उठाए गए थे।
आम जनता पर असर
यह घटना उन लाखों युवाओं की चिंता बढ़ाती है जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शारीरिक दक्षता परीक्षाओं में भाग लेते हैं। भर्ती स्थलों पर पर्याप्त चिकित्सा इंतज़ाम और आपातकालीन प्रतिक्रिया की कमी को लेकर यह मामला एक बड़े सवाल को फिर से रेखांकित करता है।
क्या होगा आगे
पुलिस की पाँच सदस्यीय जाँच टीम सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। मृतक के परिजनों ने उच्च स्तरीय जाँच की माँग दोहराई है, और मामले की अगली सुनवाई में न्यायालय का रुख देखना अहम होगा।