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लखनऊ: शराब की दुकान में रात को तोड़फोड़, CCTV फुटेज भी नष्ट — पुलिस और FSL टीम जाँच में जुटी

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लखनऊ: शराब की दुकान में रात को तोड़फोड़, CCTV फुटेज भी नष्ट — पुलिस और FSL टीम जाँच में जुटी

सारांश

लखनऊ में शनिवार रात कैंटीन संचालक और कैशियर के बीच हुई बहस के बाद शराब की दुकान में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई। आरोपियों ने पहचान छुपाने के लिए CCTV फुटेज नष्ट किया और CDR साथ ले गए — पुलिस व FSL मामले की तह तक जाने में जुटी है।

मुख्य बातें

लखनऊ में शनिवार, 23 मई की रात एक अंग्रेजी शराब की दुकान में व्यापक तोड़फोड़ की गई।
घटना से पहले कैशियर और कैंटीन संचालक संजय यादव के बीच तीखी बहस हुई थी; यादव ने कथित तौर पर धमकी दी थी।
आरोपियों ने दुकान के CCTV फुटेज को नष्ट किया और CDR अपने साथ ले गए — सबूत मिटाने की स्पष्ट कोशिश।
दुकान संचालक मनीष जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
पुलिस और FSL की टीम घटनास्थल पर जाँच कर रही है; पुलिस ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार, 23 मई की रात एक अंग्रेजी शराब की दुकान में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। दुकान संचालक मनीष जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से दुकान के CCTV कैमरे को भी नुकसान पहुँचाया और CDR (कॉल डेटा रिकॉर्ड) अपने साथ ले गए।

विवाद की शुरुआत कहाँ से हुई

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम की जड़ शनिवार रात की एक तीखी बहस में है। दुकान के कैशियर और दुकान परिसर में स्थित कैंटीन के संचालक संजय यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि संजय यादव ने कथित तौर पर 'बुरा अंजाम भुगतने' की धमकी दी, हालाँकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया। इसके बाद सभी पक्ष अपने-अपने घर चले गए।

सुबह खुली दुकान, तो हैरान करने वाला मंजर

रात बीती और सभी को लगा कि मामला शांत हो गया। लेकिन जब रविवार सुबह दुकान संचालक मनीष जायसवाल ने दुकान खोली, तो अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था। दुकान के भीतर व्यापक तोड़फोड़ की गई थी और संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया गया था। क्षति की प्रकृति को देखकर पुलिस का भी मानना है कि यह पूर्वनियोजित साजिश का हिस्सा था।

सबूत मिटाने की कोशिश

घटना की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि आरोपियों ने दुकान के अंदर लगे CCTV कैमरे को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया और CDR अपने साथ ले गए। पुलिस के अनुसार, यह स्पष्ट संकेत है कि आरोपी अपनी पहचान छुपाना चाहते थे और जाँच एजेंसियों को सुराग नहीं मिलने देना चाहते थे। गौरतलब है कि CCTV फुटेज और CDR किसी भी आपराधिक मामले में पहचान के सबसे अहम साक्ष्य माने जाते हैं।

पुलिस और FSL की जाँच जारी

सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुँच गई। अधिकारी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सतर्कता पर सवाल उठते रहे हैं। पुलिस की जाँच के नतीजे तय करेंगे कि यह घटना व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला है या किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि CCTV नष्ट करना और CDR हटाना है — यह दर्शाता है कि आरोपी न केवल अपराध करने में, बल्कि उसे छुपाने में भी सुनियोजित थे। यह स्तर की पूर्वयोजना एक साधारण व्यक्तिगत विवाद से परे संगठित इरादे की ओर इशारा करती है। पुलिस के लिए असली परीक्षा यह है कि CCTV और CDR के बिना वह आरोपियों तक कैसे पहुँचती है — और क्या FSL को घटनास्थल से कोई वैकल्पिक फोरेंसिक सुराग मिल पाता है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ शराब दुकान तोड़फोड़ की घटना क्या है?
लखनऊ में 23 मई की रात एक अंग्रेजी शराब की दुकान में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई। आरोपियों ने दुकान को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ CCTV फुटेज नष्ट कर दी और CDR भी अपने साथ ले गए।
इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, शनिवार रात दुकान के कैशियर और कैंटीन संचालक संजय यादव के बीच तीखी बहस हुई थी। यादव ने कथित तौर पर 'बुरा अंजाम भुगतने' की धमकी दी, जिसके बाद सभी अपने-अपने घर चले गए और अगली सुबह तोड़फोड़ का पता चला।
CCTV और CDR नष्ट करने से जाँच पर क्या असर पड़ेगा?
CCTV फुटेज और CDR किसी भी आपराधिक मामले में पहचान के प्रमुख साक्ष्य होते हैं। इनके नष्ट होने से आरोपियों की पहचान करना कठिन हो जाता है, इसीलिए FSL टीम को घटनास्थल से वैकल्पिक फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस मामले में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने दुकान संचालक मनीष जायसवाल की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस व FSL की संयुक्त टीम घटनास्थल की जाँच कर रही है।
क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और FSL की रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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