क्या लखनऊ में शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर हमला हुआ है?

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क्या लखनऊ में शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर हमला हुआ है?

सारांश

लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी पर हुए हमले ने हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जानिए इस पूरे मामले की गहराई और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

हमला: मौलाना कल्बे जव्वाद पर जानलेवा हमला हुआ।
एफआईआर: पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की।
स्थानीय प्रतिक्रिया: घटना के खिलाफ स्थानीय लोगों में रोष है।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपियों की गिरफ्तारी की योजना बनाई जा रही है।
धार्मिक सम्मान: यह घटना धार्मिक भावनाओं से जुड़ी हुई है।

लखनऊ, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। ठाकुरगंज इलाके में शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी पर देर रात हुए हमले के बाद हड़कंप मच गया है।

इस मामले में ठाकुरगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायतकर्ता सय्यद सारिम मेहंदी ने थाने में नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। नामजद आरोपियों में पंकज, मुजम्मिल, शाजान, रचित टंडन, सिराज और काशान शामिल हैं। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2), 126(2), 324(2), 352, 351(3) और 131 के तहत दर्ज की गई है।

सय्यद सारिम मेहंदी ने बताया कि वह वक्फ करबला अब्बास बाग, रज्जाबगंज, हरदोई रोड, ठाकुरगंज, लखनऊ के अर्जी का केयरटेकर है और मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी इस वक्फ की देखरेख में कार्यरत हैं। कल शाम 6 बजे मौलाना के साथ वह वक्फ संपत्ति का निरीक्षण करने गए थे, क्योंकि वहां अवैध कब्जा और निर्माण की शिकायतें थीं। निरीक्षण के दौरान वक्फ करबला अब्बास बाग के रास्ते पर आरोपियों ने उनकी गाड़ी रोक ली और हमला कर दिया।

मेहंदी के अनुसार, आरोपियों ने मौलाना और उनके साथी वकील का रास्ता रोककर गाली-गलौज की, गाड़ी तोड़ने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि भीड़ ने जानलेवा हमला किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर मौलाना, मेहंदी, और वकील की जान बचाई। अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।

पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर रोष है और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है। मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी के समर्थक भी इस हमले को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर विरोध जता रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और जांच पूरी की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता का भी प्रतीक है। हमें इस तरह की घटनाओं की कड़ी निंदा करनी चाहिए और समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना कल्बे जव्वाद पर हमला कब हुआ?
यह हमला 14 अक्टूबर को रात के समय ठाकुरगंज क्षेत्र में हुआ।
एफआईआर किसके खिलाफ दर्ज की गई है?
एफआईआर में नामजद आरोपियों के साथ 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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