क्या लखनऊ नगर निगम की नई एडवाइजरी से पालतू कुत्तों की समस्याएं हल होंगी?

सारांश
Key Takeaways
- पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस अनिवार्य हैं।
- सार्वजनिक स्थलों पर पट्टे के बिना कुत्तों को ले जाना मना है।
- फीडिंग स्पॉट बच्चों और बुजुर्गों से दूर होने चाहिए।
- नसबंदी और वैक्सीनेशन अनिवार्य है।
- कुत्तों का स्थानांतरण प्रतिबंधित है।
लखनऊ, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कुत्तों के काटने की घटनाओं को रोकने के लिए और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए, लखनऊ नगर निगम ने सोमवार को एक नई एडवाइजरी जारी की है। एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स २०२३ के तहत जारी की गई दिशा-निर्देशों में पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है और सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों को केवल पट्टे (लीश) के साथ टहलाने की सख्त हिदायत दी गई है।
नगर निगम द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (रॉ) और अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन को स्थानीय नागरिकों और फीडर्स के सहयोग से अपने क्षेत्रों में फीडिंग स्पॉट निर्धारित करने होंगे। ये स्थान बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही वाले क्षेत्रों तथा मुख्य प्रवेश और निकास द्वार से दूर होने चाहिए।
इसके साथ ही, कुत्तों को निश्चित समय पर ही भोजन कराने का निर्देश दिया गया है। फीडिंग स्पॉट पर मौजूद कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य होगा।
नगर निगम ने फीडर्स से इसमें सहयोग करने की अपील की है। एडवाइजरी में पालतू कुत्तों के मालिकों को यह भी कहा गया है कि वे अपने डॉग्स का पंजीकरण नगर निगम की वेबसाइट 'एलएमसी डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन' पर कराएं और सार्वजनिक स्थानों पर उन्हें बिना पट्टे के न घुमाएं।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुत्तों का स्थानांतरण (रीलोकेशन) प्रतिबंधित है। निगम का कहना है कि यह कदम डॉग-बाइट की घटनाओं को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस एडवाइजरी से न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पशु जन्म नियंत्रण और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया भी व्यवस्थित ढंग से लागू हो सकेगी। नगर निगम ने नागरिकों और पालतू पशु प्रेमियों से इन नियमों के पालन में सहयोग की अपील की है।