लुधियाना मतदाता सूची में भगत सिंह की तस्वीर: कांग्रेस सांसद वड़िंग ने उठाए सवाल, जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
लुधियाना पूर्व विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बूथ नंबर 38 पर क्रमांक 422 के आगे कथित तौर पर स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की तस्वीर दिखने के बाद पंजाब में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने 11 अक्टूबर 2026 को इस कथित गड़बड़ी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
मुख्य घटनाक्रम
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए यह मामला सार्वजनिक किया। उन्होंने दावा किया कि लुधियाना पूर्व विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 38 की मतदाता सूची में क्रमांक 422 के आगे कथित तौर पर 'शहीद-ए-आजम' भगत सिंह की तस्वीर दर्ज है।
वड़िंग ने अपनी पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि 'अब बस यही देखना बाकी था।' उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) से पूछा कि इस तरह की त्रुटियाँ कैसे हो रही हैं, उनकी जांच कौन करेगा और दोषियों को कब जवाबदेह ठहराया जाएगा।
पूर्व विधायक ने भी उठाई आवाज़
कांग्रेस नेता और लुधियाना पूर्व के पूर्व विधायक संजय तलवार ने भी यह मुद्दा उठाते हुए विधानसभा क्षेत्र के सभी 235 मतदान केंद्रों पर मतदाता सूचियों की समीक्षा की मांग की। तलवार के अनुसार, केवल बूथ नंबर 38 पर क्रमांक 422 ही नहीं, बल्कि आठ अन्य प्रविष्टियों में भी कथित तौर पर गलत तस्वीरें पाई गई हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पहले से ही हरियाणा की मतदाता सूचियों में तस्वीरों से जुड़े इसी तरह के मामलों का हवाला देकर चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
लुधियाना के उपायुक्त हिमांशु जैन ने कहा कि वे संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारी से जानकारी प्राप्त करेंगे और मामले की जांच करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, कथित गलत तस्वीर का सटीक कारण और गड़बड़ी की सीमा का पता केवल आधिकारिक जांच के बाद ही लगाया जा सकेगा।
गौरतलब है कि मतदाता सूचियों में फोटो से जुड़ी त्रुटियाँ पहली बार नहीं हैं — देश के अलग-अलग राज्यों में ऐसी चूकें पहले भी सामने आई हैं, जिनके बाद चुनाव आयोग को सफाई देनी पड़ी थी।
कांग्रेस की मांगें
कांग्रेस ने चुनाव आयोग (ECI) से मांग की है कि मतदाता सूचियों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और उनकी सटीकता बनाए रखी जाए। राजा वड़िंग ने जोर दिया कि लोकतंत्र में मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता से किसी भी हाल में समझौता नहीं होना चाहिए और जांच के नतीजों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
फिलहाल लुधियाना जिला प्रशासन ने मतदाता पंजीकरण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। यदि आधिकारिक जांच में अनियमितता सिद्ध होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक रूप से उठाने की तैयारी में है।