मध्य प्रदेश के 88 महाविद्यालय और 8 विश्वविद्यालयों ने अप्रेंटिसशिप के लिए बोट से समझौता किया
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश में 88 महाविद्यालय और 8 विश्वविद्यालयों ने बोट के साथ समझौता किया।
- अप्रेंटिसशिप से छात्रों को उद्योग आधारित अनुभव मिलेगा।
- एईडीपी के अंतर्गत छात्रों को स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
- शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन होगा।
- उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान की जाएगी।
भोपाल, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में औद्योगिक शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को अप्रेंटिसशिप की सुविधाएं प्रदान करने हेतु ८५ महाविद्यालयों के साथ-साथ ८ विश्वविद्यालयों ने बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (बोट-पश्चिमी क्षेत्र, मुंबई) के साथ एक संधि की है।
राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग आधारित व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस उद्देश्य से, बुधवार को अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) को आगे बढ़ाने के लिए अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन और आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा की उपस्थिति में ८५ महाविद्यालयों, ५ सरकारी और ३ निजी विश्वविद्यालयों ने क्रिस्प, नई दिल्ली के सहयोग से बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (बोट-पश्चिमी क्षेत्र, मुंबई) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (बीओएटी-पश्चिमी क्षेत्र) के अधिकारियों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह राज्यस्तरीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह भोपाल के सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित किया गया।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने बताया कि वर्ष 2024-25 में एईडीपी की शुरुआत की गई थी। विभाग का प्रयास है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार शिक्षा को रोजगारपरक बनाया जाए और विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
राजन ने बताया कि वर्तमान में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से एआई, फिनटैक विथ एआई और एईडीपी पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आज के समय की आवश्यकता को देखते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए निरंतर आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि एईडीपी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप की सुविधा मिलेगी तथा अप्रेंटिसशिप अवधि के दौरान प्रतिमाह स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। इस एईडीपी कोर्स के कार्यान्वयन में निजी शैक्षणिक संस्थान भी योगदान दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, इस संधि का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप से जोड़ना है। इसके अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एईडीपी लागू करने वाले संस्थानों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
इससे विद्यार्थियों को उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनका रोजगार से संबंधित कौशल निखरेगा। साथ ही, अकादमिक शिक्षा को कौशल एवं उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ा जाएगा, ताकि युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए सक्षम और तैयार किया जा सके।