मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने लखन पटेल से छीना पशुपालन विभाग, अब केवल आनंद विभाग रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 जुलाई 2026 को एक अहम प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया है। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, अब यह विभाग सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधीन रहेगा, जबकि पटेल के पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी बचेगी।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर यह बदलाव प्रभावी किया। भोपाल से जारी इस आदेश में विभाग पुनर्वितरण का कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है। सरकार की ओर से इस निर्णय पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में लखन पटेल विभिन्न कारणों से चर्चा में रहे थे, हालाँकि सरकार ने इस बदलाव को किसी विशेष घटनाक्रम से नहीं जोड़ा है।
लखन पटेल की प्रतिक्रिया
मीडिया से बात करते हुए लखन पटेल ने कहा कि उन्हें इस विभागीय बदलाव की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'विभागों का आवंटन और उनमें बदलाव करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।' उनकी प्रतिक्रिया संयमित रही और उन्होंने किसी प्रकार की असहमति व्यक्त नहीं की।
लखन पटेल का राजनीतिक सफर
लखन पटेल दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे पहली बार 2013 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। 2018 के चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने वापसी करते हुए जीत दर्ज की और मोहन यादव सरकार में मंत्री पद पाया।
मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएँ लंबे समय से जारी हैं। राजनीतिक विश्लेषक इस बदलाव को संभावित कैबिनेट फेरबदल का संकेत मान रहे हैं। हालाँकि, सरकार की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आगे देखना होगा कि क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव पशुपालन विभाग का प्रभार किसी अन्य मंत्री को सौंपते हैं या इसे अपने पास ही बनाए रखते हैं।