क्या मध्य प्रदेश में अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना के लिए किसानों की सहमति से भूमि का अधिग्रहण होगा? : सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना किसानों की सहमति से भूमि अधिग्रहण करेगी।
- यह परियोजना चंबल क्षेत्र के विकास में सहायक होगी।
- टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।
- इससे औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
- यात्रा का समय कम होगा और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
भोपाल, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जानकारी दी है कि राज्य में टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। साथ ही, अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना के लिए किसानों की सहमति से भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना की समीक्षा के दौरान कहा कि क्षेत्रीय विकास में सड़कों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश के चंबल क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। यह मार्ग मुरैना, श्योपुर और भिंड जिलों को जोड़ते हुए राजस्थान से निकलने वाले दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ जाएगा।
इससे क्षेत्र की कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यात्रा का समय कम होगा। इसके फलस्वरूप, क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार, पर्यटन और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि किसानों और क्षेत्रीय निवासियों की सहमति और संतोष के अनुसार भूमि अधिग्रहण किया जाए और परियोजना को जल्दी से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान, कान्हा टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ने वाले मार्ग को टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
625 किमी लंबे इस मार्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुसार वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा मिलने में मदद मिलेगी। बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित दो योजनाओं का तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण भी किया गया।
बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह उपस्थित थे।