ममता बनर्जी को हर अच्छे काम पर क्यों होती है मिर्ची? मेधा कुलकर्णी की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- मेधा कुलकर्णी ने सावरकर को श्रद्धांजलि दी।
- ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया गया।
- प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति की सराहना की गई।
पुणे, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पुणे में विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक कूटनीति की सराहना की और सावरकर को एक सच्चे देशभक्त के रूप में बताया। इसके साथ ही, पश्चिम बंगालममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा।
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में मेधा कुलकर्णी ने कहा, "सावरकर के विचारों से हमें प्रेरणा मिलती है, इसलिए उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। सावरकर की किताबें पढ़ना मुझे बहुत पसंद है। उन्होंने कहा था, 'देह और देव के बीच में देश आता है। हमें अपने देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए।"
केरल के नाम बदलने पर ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मेधा कुलकर्णी ने कहा, "ममता बनर्जी का सिंहासन अब डोल रहा है। उनके सिंहासन छोड़ने का समय निकट है। केरल का असली नाम केरलम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनः आधिकारिक किया है। इस पर ममता बनर्जी को क्यों परेशानी हो रही है? वे देश में हो रहे हर सकारात्मक कार्य का विरोध करती हैं। एसआईआर और घुसपैठियों को भगाने की बात पर भी वे आपत्ति उठाती हैं। पश्चिम बंगाल अब जागरूक हो चुका है; जल्द ही ममता कुछ नहीं कह सकेंगी, ऐसी स्थिति में आ जाएंगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में कहा था कि हिंदू कोई धर्म नहीं है। इस पर मेधा कुलकर्णी ने कहा, "सनातन ही हिंदू धर्म है। यह हमारी जीवन पद्धति है। दिग्विजय सिंह के बयान हमारे लिए कोई महत्व नहीं रखते।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे को लेकर भाजपा सांसद ने कहा, "पीएम मोदी जिस देश में जाते हैं, वहां भारत की विचारधारा लेकर जाते हैं। इजरायल एक कर्मठ देश है, जो अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करता रहा है। भारत और इजरायल के बीच संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो इजरायल का दौरा कर रहे हैं। इजरायल में मोदी-मोदी के नारे गूंज रहे हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री विश्व में सबसे अधिक प्रसिद्ध नेता हैं। हमें उम्मीद है कि वे इजरायल से भारत के लिए कुछ सकारात्मक प्रस्ताव लेकर आएंगे।