बिहार में 'मेक इन बिहार' को मिली रफ्तार: बिहटा में प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन, 4 जिलों में एक्सटेंशन सेंटर शुरू
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 28 अप्रैल 2026 को बिहटा, पटना में प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया।
- मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में चार एक्सटेंशन सेंटरों का भी शुभारंभ हुआ।
- राष्ट्रीय SC-ST हब के तहत स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया गया, जो वंचित वर्गों के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ेगा।
- पीएम विश्वकर्मा योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना, पीएमईजीपी और SC-ST हब योजना के लाभार्थियों को टूलकिट, चेक और प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
- केंद्र को 'मेक इन बिहार' और 'आत्मनिर्भर भारत' विजन से जोड़ते हुए इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और पारंपरिक अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 28 अप्रैल 2026 को बिहटा, पटना में एक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया, जिसे बिहार की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति में एक निर्णायक कदम बताया जा रहा है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में चार एक्सटेंशन सेंटरों का भी शुभारंभ किया गया, जो राज्यभर में तकनीकी प्रशिक्षण की पहुँच को व्यापक बनाएंगे।
मुख्य घटनाक्रम
इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति हब के अंतर्गत स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम वंचित वर्गों के उद्यमियों को मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम के दौरान पीएम विश्वकर्मा योजना और ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थियों को टूलकिट वितरित किए गए, पीएमईजीपी योजना के लाभार्थियों को चेक और एससी-एसटी हब योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 'मेक इन बिहार' के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह केंद्र निवेश, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट करते हुए बताया कि युवाओं को बेहतर कौशल, आधुनिक संसाधन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे न केवल रोजगार प्राप्त करें बल्कि स्वयं रोजगार सृजक भी बनें। उनके अनुसार बिहटा का यह केंद्र इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ बिहार की पारंपरिक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
केंद्रीय मंत्री का संबोधन
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस अवसर को बिहार के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रौद्योगिकी केंद्र और इसके विस्तार केंद्र स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को सशक्त बनाकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ेंगे। मांझी ने इस पहल को 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम करार दिया।
एमएसएमई क्षेत्र पर असर
यह पहल ऐसे समय में आई है जब बिहार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की कोशिश तेज कर रहा है। गौरतलब है कि बिहार पारंपरिक रूप से औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्यों में गिना जाता रहा है, और इस तरह के केंद्रों की स्थापना उस छवि को बदलने की दिशा में एक संरचनात्मक प्रयास है। बिहटा पहले से ही एक उभरते औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पहचान बना रहा है, और इस केंद्र की स्थापना उस गति को और तेज कर सकती है।
आगे की राह
इन केंद्रों के माध्यम से राज्य के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है, जो उन्हें न केवल स्थानीय उद्योगों में बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में भी प्रतिस्पर्धी बनाएगा। सरकार का दावा है कि यह पहल बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा करेगी, हालाँकि अभी तक कोई विशिष्ट संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है।