मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 44 हजार जोड़ों का विवाह जल्द
सारांश
Key Takeaways
- 44 हजार जोड़ों का विवाह इस वर्ष होगा।
- प्रति विवाह 55 हजार रुपए का खर्च होगा।
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से कमजोर परिवारों को सहायता मिलेगी।
- तिथियाँ: 19 अप्रैल, 20 नवंबर 2026, 11 फरवरी 2027।
- ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
भोपाल, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के अंतर्गत इस वर्ष 44 हजार से अधिक जोड़े विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने इस लक्ष्य को निर्धारित किया है और इसके लिए आयोजन की तिथियाँ भी तय की गई हैं।
राज्य सरकार द्वारा प्रति कन्या विवाह पर 55 हजार रुपए खर्च किए जाते हैं, जिसमें से 49 हजार रुपए कन्या को और 6 हजार रुपए आयोजन पर व्यय होते हैं। इस योजना के तहत विवाह की तिथियाँ भी निर्धारित की गई हैं। इसके अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, देवउठनी ग्यारस (तुलसी विवाह) 20 नवंबर 2026, बसंत पंचमी 11 फरवरी 2027, और एक अन्य तिथि स्थानीय मांग और कलेक्टर के निर्णय अनुसार निर्धारित की जा सकती है। वर्ष 2026-27 में 44 हजार से अधिक विवाह का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए राज्य सरकार 242 करोड़ से अधिक राशि खर्च करेगी।
प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सफल आयोजन के लिए सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने वाले जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में इन अवसरों पर 800 जोड़े, यानी 44 हजार जोड़ों का विवाह संभव हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51 हजार 899 मुख्यमंत्री कन्या विवाह तथा 28 हजार 362 मुख्यमंत्री निकाह कराए गए हैं। इन हितग्राहियों को 321 करोड़ 41 लाख 58 हजार की सहायता प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा सकता है। योजना के तहत 49 हजार रुपए की राशि कन्या के बैंक खाते में और 6 हजार रुपए की राशि आयोजन समिति को दी जाती है। कुल 55 हजार रुपए प्रति विवाह खर्च किया जाता है।