मध्य प्रदेश में 8 से 10 होंगे एयरपोर्ट, 230 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे स्थायी हेलीपैड
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में वायु सेवा के बुनियादी ढाँचे का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। फ़िलहाल राज्य में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड संचालित हैं, और शीघ्र ही एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत यह विस्तार हवाई कनेक्टिविटी, आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और स्वास्थ्य सुविधाओं को आम नागरिकों तक पहुँचाने के व्यापक लक्ष्य से प्रेरित है।
एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार
वर्ष 2023-24 में प्रदेश में केवल 5 प्रमुख एयरपोर्ट — इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो — संचालित थे। वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर यह संख्या 8 पर पहुँच गई। अब उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट विकास का कार्य प्रगति पर है, जिससे जल्द ही कुल संख्या 10 हो जाएगी।
इसके अलावा 5 नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है, जिनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। उड़ान योजना के अंतर्गत सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल — इन 10 एयरस्ट्रिप को पूर्ण एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।
अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और सिंहस्थ तैयारी
अंतर्राष्ट्रीय मोर्चे पर भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पहले दुबई और अब अबूधाबी से इंदौर का सीधा हवाई संपर्क स्थापित हो चुका है। सिंहस्थ-2028 की भारी आवाजाही को देखते हुए दताना-मताना एयरपोर्ट का विस्तार कार्य भी जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक पर्यटन के लिए बुनियादी ढाँचे को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि महाकुंभ 2025 के बाद इस तरह के मेगा-इवेंट के लिए विमानन आधारभूत संरचना की ज़रूरत और स्पष्ट हो गई है।
हेलीपैड और एयरस्ट्रिप नेटवर्क की योजना
प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड उपलब्ध हो — एक ऐसा मानक जो राज्य के दूरदराज़ के इलाकों तक समान सुविधाएँ पहुँचाने की दिशा में बड़ा कदम है।
पीएमश्री एयर एम्बुलेंस और हेली पर्यटन सेवा
29 मई 2024 से पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य में संचालित की जा रही है। आयुष्मान कार्डधारकों को प्रदेश के भीतर और बाहर शासकीय व आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के शासकीय अस्पतालों तक निःशुल्क और प्रदेश से बाहर निर्धारित दरों पर सेवा दी जाती है।
प्रदेश के भीतर परिवहन के लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश से बाहर के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति आवश्यक है। अब तक 186 मरीज़ों और दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है। इसके साथ ही पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा भी हवाई सुविधाओं को पर्यटन से जोड़ रही है।
आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे उज्जैन, शिवपुरी और सिंगरौली जैसे नए एयरपोर्ट तैयार होंगे, मध्य प्रदेश की हवाई पहुँच पूरी तरह बदल जाएगी — खासकर उन जिलों के लिए जो अब तक केवल सड़क और रेल पर निर्भर थे।