मध्य प्रदेश में पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा: नया पोर्टल और ऐप लॉन्च, 140 मिशन पूरे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने 27 मई 2025 को भोपाल में 'एयर एम्बुलेंस एमपी' पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया, जिससे राज्य में गंभीर और आपातकालीन मरीजों के लिए पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा तक पहुँच अब पहले से कहीं अधिक सरल और त्वरित हो जाएगी। यह डिजिटल पहल उस सेवा को और सुदृढ़ करती है जो अब तक 140 सफल जीवनरक्षक मिशन पूरे कर चुकी है।
पोर्टल और ऐप में क्या है खास
राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में इस पोर्टल और ऐप का उद्घाटन करते हुए कहा कि पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, 'जिसके तहत किसी भी नागरिक को समय पर उपचार के अभाव में जीवन न गंवाना पड़े।' नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए सेवा अनुरोध की पूरी प्रक्रिया कागज़-रहित और तेज़ हो जाएगी।
पोर्टल में एयर एम्बुलेंस फ्लीट की रियल-टाइम ट्रैकिंग, सेवा अनुरोधों का डिजिटल प्रवाह, सेवा प्रदाताओं को तत्काल नोटिफिकेशन और अनुमोदन प्राधिकारी को समयबद्ध अलर्ट जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इससे पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
अब तक के मिशन और लाभार्थी
राज्य में पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा अब तक 140 जीवनरक्षक मिशन सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी है। इनमें नवजात शिशुओं, हृदय रोग, ट्रॉमा, न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों का एयर मेडिकल ट्रांसफर शामिल है।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब मध्य प्रदेश के दूरदराज़ के ज़िलों में उच्च-स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच एक बड़ी चुनौती बनी रहती है। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत कार्डधारकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
संचालन व्यवस्था
सेवा के सुचारु संचालन के लिए भोपाल में 24 घंटे, सातों दिन एयर मेडिकल ऑपरेशन केंद्र स्थापित किया गया है। इसके तहत एक फिक्स्ड-विंग एयरक्राफ्ट बीचक्राफ्ट किंग एयर सी-90 और एक मल्टी-इंजन हेलीकॉप्टर एडबल्यू-109 लगातार स्टैंडबाय पर तैनात हैं, जिससे किसी भी आपातकाल में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
आम जनता पर असर
डिजिटल पोर्टल और ऐप के आने से अब परिजन या चिकित्सा कर्मी सीधे अपने मोबाइल से एयर एम्बुलेंस के लिए अनुरोध दर्ज कर सकेंगे और फ्लीट की स्थिति रियल-टाइम में देख सकेंगे। इससे सेवा की पारदर्शिता बढ़ेगी और मूल्यवान समय की बचत होगी, जो आपातकालीन चिकित्सा में अक्सर जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार का लक्ष्य इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवा की पहुँच को और विस्तृत करना है, ताकि भविष्य में अधिक से अधिक ज़िलों को इस नेटवर्क से जोड़ा जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार रियल-टाइम ट्रैकिंग और डिजिटल अनुमोदन से प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।