मध्य प्रदेश को 4 नई सीधी हवाई उड़ानों की सौगात, 9 अगस्त को CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव 9 अगस्त 2026 को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर आयोजित समारोह में राज्य की चार नई सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इन नए मार्गों के शुरू होने से प्रदेश की आंतरिक और अंतर्राज्यीय हवाई पहुँच को उल्लेखनीय बल मिलेगा।
कौन-से हैं चार नए हवाई मार्ग
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन चार नए मार्गों पर सेवाएँ शुरू होंगी वे हैं — भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता। इन सभी मार्गों का परिचालन अलायन्स एयर द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जारापु राममोहन नायडू भी उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री यादव स्वयं भोपाल से रीवा की पहली उड़ान को फ्लैग ऑफ करेंगे, जो इस नई श्रृंखला की प्रतीकात्मक शुरुआत होगी।
वित्तीय सहायता और नीतिगत ढाँचा
इन सभी घरेलू हवाई मार्गों को मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक राउंड ट्रिप पर राज्य सरकार द्वारा ₹10 लाख तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग दी जाएगी, जिससे एयरलाइन को नए और कम यात्री-घनत्व वाले मार्गों पर सेवा बनाए रखना व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य हो सके।
अब तक की प्रगति
नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत अब तक आठ नए हवाई मार्ग स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से चार मार्गों पर सेवाएँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं — रीवा-दिल्ली, रीवा-इंदौर, रीवा-रायपुर और इंदौर-अबूधाबी। 9 अगस्त को शुरू होने वाले चार नए मार्ग इसी श्रृंखला का विस्तार हैं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई शहर — विशेषकर रीवा और जबलपुर जैसे टियर-2 केंद्र — बड़े महानगरों से सीधी हवाई संपर्क के अभाव में सड़क और रेल पर निर्भर थे। जबलपुर-कोलकाता और रीवा-कोलकाता मार्गों से पूर्वी भारत के साथ व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा यात्रा आसान होगी, जबकि भोपाल-पटना मार्ग बिहार और मध्य प्रदेश के बीच सीधा हवाई सेतु स्थापित करेगा।
आगे की राह
राज्य सरकार के अनुसार, मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न शहरों को देश के प्रमुख गंतव्यों से जोड़ना और नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध आवागमन सुनिश्चित करना है। नई उड़ानों की सफलता यह तय करेगी कि भविष्य में और कितने मार्गों को इस नीति के तहत वित्तीय सहायता मिल सकती है।