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पटना: क्या महागठबंधन सत्ता परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है?

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पटना: क्या महागठबंधन सत्ता परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है?

सारांश

पटना में महागठबंधन के नेताओं की बैठक के दौरान सत्ता परिवर्तन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की चर्चा हुई। क्या बिहार में बदलाव संभव है? जानिए इस महत्वपूर्ण बैठक की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

महागठबंधन की बैठक में सत्ता परिवर्तन की चर्चा हुई।
तेजस्वी यादव ने विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास किया।
बिहार में रोजगार और लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे प्रमुख हैं।
कांग्रेस ने बिहार में भाजपा की नीतियों की आलोचना की।
महागठबंधन का लक्ष्य बिहार को बेहतर बनाना है।

पटना, 12 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी महागठबंधन दलों के नेताओं की शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समन्वय समिति और उसकी उप-समितियों के सदस्यों ने भी भाग लिया। बैठक के बाद, विभिन्न दलों के नेताओं ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के प्रति पूरा महागठबंधन प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया को-ऑर्डिनेटर अभय दुबे ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण थी। भाजपा और नीतीश कुमार की पार्टी ने पिछले 20 वर्षों में बिहार को बर्बाद कर दिया है। करोड़ों लोग पलायन कर चुके हैं। लाखों लोग केवल 67 रुपए में जीवन यापन कर रहे हैं। हर जगह लूट, हत्या और बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। अब लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं। हम इस पर विचार कर रहे हैं कि बिहार को उसका स्वर्णिम काल कैसे लौटाया जाए। लोगों को यह बताना होगा कि भाजपा और जेडीयू ने बिहार को कैसे बर्बाद किया है।"

महागठबंधन को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक के बाद राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, "जनता की सुविधा के लिए, बिहार में बदलाव के लिए, पूरा महागठबंधन प्रतिबद्ध है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जो समितियां कार्य कर रही हैं, उनका उद्देश्य बिहार को बेहतर बनाना है। बिहार में विपक्ष अब सशक्त और मजबूत है।"

सीपीआई (एमएल) के एमएलसी शशि यादव ने कहा, "यह मुख्य कमेटी की मीटिंग थी। मुख्य कमेटी के साथ-साथ जो उप समितियां बनी हुई हैं, उन्होंने अपने प्रस्ताव दिए, जिस पर विस्तार से चर्चा की गई। हम चुनाव को बेहतर तरीके से कैसे लड़ सकते हैं, इस पर गंभीरता से विचार हुआ। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जो सवाल पूछे हैं, उसके बारे में हम जनता को अवगत कराएंगे।"

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा, "बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बिहार में वर्तमान में कुशासन की सरकार है। हम 17 महीने और 20 साल को लेकर लोगों के बीच जाएंगे। आज बिहार में भाजपा की डबल इंजन सरकार है, लेकिन इसके बावजूद बिहार को कुछ भी नहीं मिला। जनता अब समझ चुकी है कि बिहार में किसकी सरकार होनी चाहिए। यहां सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का है, और इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक मीटर और लॉ एंड ऑर्डर जैसे कई मुद्दे हैं। हमारा दावा है कि हमारी सरकार के आते ही दो महीने के अंदर प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर बेहतर हो जाएगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार में राजनीतिक परिवर्तन की लहर चल रही है। महागठबंधन की एकजुटता और सत्ता परिवर्तन की प्रतिबद्धता दर्शाती है कि विपक्ष के पास अब एक स्पष्ट योजना है। क्या यह योजना सफल होगी? यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन जनता की आवाज़ अब और भी मजबूत हो रही है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महागठबंधन की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
महागठबंधन की बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में सत्ता परिवर्तन के लिए अपनी रणनीति तय करना और जनता के बीच अपनी समस्याओं को उठाना था।
तेजस्वी यादव का इसमें क्या योगदान है?
तेजस्वी यादव ने बैठक में विपक्ष की एकता को मजबूत करने और बिहार के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिहार में वर्तमान राजनीतिक स्थिति क्या है?
बिहार में वर्तमान में भाजपा की डबल इंजन सरकार है, जिसे विपक्ष ने कुशासन का आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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