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पुणे संभाग में FDA की बड़ी छापेमारी: 25 प्रतिष्ठानों से ₹1.29 करोड़ का खाद्य तेल जब्त

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पुणे संभाग में FDA की बड़ी छापेमारी: 25 प्रतिष्ठानों से ₹1.29 करोड़ का खाद्य तेल जब्त

सारांश

त्योहारी सीजन में महाराष्ट्र FDA ने पुणे संभाग के 5 जिलों में एकसाथ छापे मारे — 25 प्रतिष्ठान, 74,612 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य तेल और ₹1.29 करोड़ से अधिक की जब्ती। नमूने लैब में, कानूनी कार्रवाई का इंतजार।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र FDA ने 9 अक्टूबर 2026 को पुणे संभाग के 5 जिलों में विशेष अभियान चलाया।
25 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी में कुल 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त, अनुमानित मूल्य ₹1.29 करोड़ से अधिक।
सर्वाधिक जब्ती पुणे जिले में — 34,481 किलोग्राम ( ₹58.90 लाख ); इसके बाद कोल्हापुर में 18,156 किलोग्राम ( ₹29.03 लाख )।
उल्लंघनों में गलत लेबलिंग, इस्तेमाल टिनों का पुनः उपयोग, योग्य रसायनज्ञ का अभाव और साझा पाइपलाइन शामिल।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और अनुसूची-4 के उल्लंघन के संकेत; लैब रिपोर्ट बाद कानूनी कार्रवाई होगी।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 9 अक्टूबर 2026 को पुणे संभाग में त्योहारी सीजन के दौरान निम्नस्तरीय और मिलावटी खाद्य तेल की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया। पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर जिलों में 25 प्रतिष्ठानों पर एकसाथ छापेमारी कर कुल 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1.29 करोड़ से अधिक आँकी गई है। जब्त नमूनों को प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलेवार कार्रवाई का ब्यौरा

पुणे जिले में सर्वाधिक 8 प्रतिष्ठानों पर छापे मारे गए और 34,481 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसका मूल्य लगभग ₹58.90 लाख है। कोल्हापुर में 4 प्रतिष्ठानों से 18,156 किलोग्राम तेल जब्त हुआ, जिसकी कीमत करीब ₹29.03 लाख बताई गई है।

सोलापुर में 5 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई में 13,490 किलोग्राम तेल जब्त किया गया — अनुमानित मूल्य ₹25.33 लाख। सतारा में 4 प्रतिष्ठानों से 5,948 किलोग्राम तेल (₹11.41 लाख) और सांगली में 4 प्रतिष्ठानों से 2,536 किलोग्राम तेल (₹4.07 लाख) जब्त किया गया।

उल्लंघनों की प्रकृति

निरीक्षण के दौरान FDA अधिकारियों को कई गंभीर खामियाँ मिलीं। इनमें खाद्य तेल की संदिग्ध गुणवत्ता, प्रयोगशाला और योग्य रसायनज्ञ का अभाव, इस्तेमाल किए जा चुके टिनों का पुनः उपयोग, तेल टैंकों के लिए साझा पाइपलाइन, गलत लेबलिंग एवं ब्रांडिंग तथा लाइसेंस व रिकॉर्ड संबंधी कमियाँ शामिल हैं। FDA के अनुसार इन मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूची-4 के प्रावधानों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं।

सरकार की चेतावनी और आगे की कार्रवाई

FDA विभाग ने खाद्य व्यवसाय संचालकों को कानून का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब्त नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग ने कहा कि त्योहारी सीजन में माँग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है, इसलिए यह विशेष अभियान जारी रहेगा।

आम जनता पर असर और अपील

FDA अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य उत्पादों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। यह ऐसे समय में आया है जब दीपावली से पहले खाद्य तेल की खपत चरम पर होती है और बाज़ार में नकली या घटिया उत्पादों की आमद बढ़ जाती है। गौरतलब है कि FDA के ऐसे अभियान पिछले कई वर्षों से त्योहारी सीजन की पूर्व संध्या पर चलाए जाते रहे हैं, और इस बार की कार्रवाई की व्यापकता एवं जब्ती की मात्रा पिछले अभियानों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ त्योहारी-सीजन की औपचारिकता है या दीर्घकालिक निगरानी तंत्र की शुरुआत। पिछले वर्षों में भी ऐसे अभियान चले, पर लैब रिपोर्ट और कानूनी अभियोजन की दर सार्वजनिक रूप से कम ही सामने आई। जब तक दोषी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द होने और वास्तविक दंड के मामले सामने नहीं आते, ये छापे उपभोक्ताओं को स्थायी सुरक्षा देने में सीमित साबित होंगे।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र FDA ने पुणे संभाग में कितना खाद्य तेल जब्त किया?
महाराष्ट्र FDA ने 9 अक्टूबर 2026 को पुणे संभाग के 5 जिलों में 25 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर कुल 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.29 करोड़ से अधिक है।
किन जिलों में FDA की यह कार्रवाई हुई?
यह अभियान पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर — पुणे संभाग के पाँचों प्रमुख जिलों में एकसाथ चलाया गया। पुणे जिले में सर्वाधिक 8 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई।
खाद्य तेल में क्या-क्या उल्लंघन पाए गए?
निरीक्षण में गलत लेबलिंग व ब्रांडिंग, इस्तेमाल टिनों का पुनः उपयोग, योग्य रसायनज्ञ का अभाव, तेल टैंकों के लिए साझा पाइपलाइन और लाइसेंस-रिकॉर्ड संबंधी कमियाँ पाई गईं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और अनुसूची-4 के उल्लंघन के संकेत मिले हैं।
जब्त खाद्य तेल का आगे क्या होगा?
जब्त किए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
FDA ने त्योहारी सीजन में यह अभियान क्यों चलाया?
FDA अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान खाद्य तेल की माँग बढ़ जाती है जिससे मिलावटी या घटिया उत्पादों की बिक्री का खतरा भी बढ़ता है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए विशेष अभियान जारी रखने की घोषणा की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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