क्या महाराष्ट्र ने बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा की है? परिवहन मंत्री सरनाइक ने बताया ऐतिहासिक कदम

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क्या महाराष्ट्र ने बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा की है? परिवहन मंत्री सरनाइक ने बताया ऐतिहासिक कदम

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपए का राहत पैकेज घोषित किया है, जो दीपावली से पहले उन्हें बड़ी सहायता प्रदान करेगा। परिवहन मंत्री ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। जानिए इस पैकेज में क्या-क्या शामिल है और विपक्ष की प्रतिक्रिया क्या है।

मुख्य बातें

31,628 करोड़ रुपए का राहत पैकेज घोषित किया गया है।
प्रति हेक्टेयर 47,000 रुपए की सहायता मिलेगी।
34 जिलों और 347 तहसीलों को कवर किया जाएगा।
सरकार ने किसानों के साथ दिवाली मनाने का निर्णय लिया है।
विपक्ष ने इस पहल पर विवाद उठाया है।

मुंबई, 11 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपए का राहत पैकेज घोषित कर दीपावली से पहले एक बड़ी राहत दी है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए विपक्ष के हंबरडा मोर्चा को 'राजनीतिक नाटक' करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में प्रतिबद्ध है, और मोर्चा निकालने की बजाय विपक्ष को शासन की योजनाओं का लाभ उठाने पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों अजित पवार व एकनाथ शिंदे ने इस पैकेज की घोषणा की, जिसमें प्रति हेक्टेयर 47,000 रुपए की नकद सहायता, फसल नुकसान, मिट्टी कटाव, और पशुधन हानि के लिए मुआवजा शामिल है। यह पैकेज 34 जिलों और 347 तहसीलों को कवर करेगा। सरनाइक ने कहा, "यह पैकेज सभी गरीब किसानों के लिए बनाया गया है। अगर कोई कहता है कि 'चुनाव के समय सरकार ने कुछ नहीं दिया,' तो यह गलत है। हमने योजनाएं बनाईं, जो किसानों को सीधा लाभ देंगी। जरूरत पड़ी तो और बढ़ोतरी करेंगे।"

उन्होंने बताया, "जिले के कुछ हिस्सों में किसानों को भारी नुकसान हुआ। इसके लिए वे 14-15 अक्टूबर को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। हम किसानों के साथ दिवाली मनाएंगे, उन्हें अनाज, जीवनावश्यक वस्तुएं, बच्चों के लिए शालेय सामग्री और फराल देंगे ताकि उनकी दीवाली मीठी हो।"

उन्होंने किसानों से हंबरडा जैसे आंदोलनों से बचने की अपील की। पंचनामों में गड़बड़ी की शिकायत पर उन्होंने जिलाधिकारी को दोबारा सर्वे के निर्देश दिए और कहा, "गलत पंचनामा करने वाले तलाठियों को जवाबदेह बनाएंगे। किसानों को कोई कमी नहीं होगी।"

संभाजीनगर में एकनाथ शिंदे ने कहा था कि बाढ़ प्रभावित किसानों के बच्चों की शादी की जिम्मेदारी शिवसेना लेगी। सरनाइक ने इसका स्वागत करते हुए कहा, "जिले में कोई वधू-वर हो, तो हम पूरी सहायता करेंगे। शिंदे साहब न केवल महाराष्ट्र, बल्कि हिमालय से कश्मीर तक हर हिंदू के संकट में साथी हैं। जैन समाज भी उनके साथ है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष इसे चुनावी राजनीति का हिस्सा समझता है। इस स्थिति में, सरकार को किसानों के लिए स्थायी समाधान खोजना होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह राहत पैकेज किसके लिए है?
यह राहत पैकेज बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए है।
इस पैकेज में क्या-क्या शामिल है?
इस पैकेज में प्रति हेक्टेयर 47,000 रुपए की नकद सहायता, फसल नुकसान, मिट्टी कटाव, और पशुधन हानि के लिए मुआवजा शामिल है।
कितने जिलों को यह पैकेज कवर करेगा?
यह पैकेज 34 जिलों और 347 तहसीलों को कवर करेगा।
कब तक किसानों को सहायता मिलेगी?
सरकार ने 14-15 अक्टूबर को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की योजना बनाई है।
क्या विपक्ष ने इस पैकेज पर प्रतिक्रिया दी है?
हां, विपक्ष ने इसे राजनीतिक नाटक करार दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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