महासप्तमी पर बांसुरी स्वराज पहुंचीं रामकृष्ण मिशन, कन्या पूजन को बेटी सशक्तीकरण से जोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद बांसुरी स्वराज ने 18 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के महासप्तमी के अवसर पर नई दिल्ली स्थित रामकृष्ण मिशन के दुर्गा पूजा पंडाल में पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कन्या पूजन की परंपरा को बालिका सशक्तीकरण के व्यापक संदेश से जोड़ते हुए समाज को एक महत्वपूर्ण संकल्प दिलाया।
मां दुर्गा के दर्शन और आस्था का अनुभव
बांसुरी स्वराज ने रामकृष्ण मिशन पहुंचने पर इस स्थान को 'आस्था और आध्यात्मिकता का केंद्र' बताया। उन्होंने मां दुर्गा की प्रतिमा की दिव्यता का उल्लेख करते हुए कहा, 'आज आप देखेंगे कि मां की आंखें इतनी सम्मोहक हैं कि मैं उन्हें देखकर मंत्रमुग्ध हो गई और वहीं खड़ी रह गई।' उन्होंने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना में भाग लिया और दुर्गा पूजा के अनुष्ठानों में सहभागिता की।
कन्या पूजन का संदेश और सामाजिक महत्व
सांसद ने कन्या पूजन की परंपरा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह अनुष्ठान केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है — रामकृष्ण मिशन में भी इसे किया जा रहा है, जो इस परंपरा की देशव्यापी व्यापकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियों में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की झलक देखी जाती है।
बांसुरी स्वराज ने स्पष्ट किया कि कन्या पूजन महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को बेटियों के महत्व का एहसास कराने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा इस बात की याद दिलाती है कि बालिकाओं की देखभाल, उन्हें बेहतर शिक्षा, उचित पालन-पोषण और सशक्तीकरण प्रदान करना प्रत्येक नागरिक की ज़िम्मेदारी है।
समाज के लिए आह्वान
सांसद ने लोगों से आह्वान किया कि वे कन्या पूजन को केवल रस्म-अदायगी तक सीमित न रखें, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस संकल्प भी लें। उन्होंने कहा कि बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण को जीवन में आत्मसात करने से ही एक मज़बूत और न्यायपूर्ण समाज की नींव रखी जा सकती है।
शुभकामनाएं और प्रार्थना
बांसुरी स्वराज ने नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर समस्त देशवासियों के जीवन में शुभता, खुशियाँ, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि सभी को मां दुर्गा और गुरुदेव का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन मिलता रहे। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रीय राजधानी में दुर्गा पूजा के आयोजन अपने चरम पर हैं और लाखों श्रद्धालु पंडालों में दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।