लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरा, दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला

Click to start listening
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरा, दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला

सारांश

महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिरा दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने मतदान के परिणामों की जानकारी दी। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के पीछे की बातें।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण बिल गिर गया है।
  • लोकसभा में 298 पक्ष में और 230 विरोध में वोट पड़े।
  • संविधान के अनुच्छेद 368 के अनुसार विधेयक पारित नहीं हुआ।
  • केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस पर टिप्पणी की।
  • भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं मानता है।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में सरकार को दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं होने के कारण महिला आरक्षण बिल गिर गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जानकारी दी कि इस बिल पर चर्चा के समय मत विभाजन में पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। उन्होंने कहा कि अब इस बिल पर आगे की प्रक्रिया संभव नहीं है, चूंकि यह बिल विचार के लिए पेश किए जाने के स्तर पर ही गिर गया है। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने अन्य दो बिलों को भी आगे बढ़ाने से रोकने की बात कही।

विपक्ष के विरोध के कारण लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पर मतदान किया गया। संविधान संशोधन विधेयक पर ध्वनि मत से नहीं, बल्कि मत विभाजन के माध्यम से मतदान किया जाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कितने वोट समर्थन या विरोध में पड़े हैं।

संविधान के अनुच्छेद 368 के उपबंधों के अनुसार, सभा की कुल सदस्य संख्या के बहुमत और उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई बहुमत द्वारा विधेयक पारित नहीं किया गया।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इस बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि मैं इस देश की मातृशक्ति से कहना चाहता हूं कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस पार्टी का प्रस्ताव एक सुनियोजित जाल है, ताकि महिला आरक्षण को 2029 से पहले लागू नहीं होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर इनका मतदान नहीं हुआ तो महिला आरक्षण बिल गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते में कौन रुकावट डाल रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मान्यता नहीं देता है। इंडिया महागठबंधन तुष्टिकरण की राजनीति के तहत मुस्लिम आरक्षण की मांग कर रहा है, जबकि संविधान का हवाला देकर वे इसे सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।

Point of View

दोनों ही एक नई बहस को जन्म देते हैं।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण प्रदान करना है।
इस बिल के गिरने का क्या असर होगा?
यह बिल गिरने से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा झटका लगा है।
लोकसभा में मतदान का क्या तरीका होता है?
लोकसभा में विधेयकों पर मतदान आमतौर पर ध्वनि मत या मत विभाजन के माध्यम से होता है।
क्यों नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत?
विपक्ष के विरोध और कुछ सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला।
संविधान संशोधन के लिए क्या आवश्यक है?
संविधान संशोधन के लिए कुल सदस्यों के बहुमत और उपस्थित सदस्यों में से दो-तिहाई का समर्थन आवश्यक है।
Nation Press