महिला आरक्षण विधेयक पर शशांक मणि का बयान, स्टालिन से की अपील
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा हो रही है।
- सांसद शशांक मणि ने सर्वसम्मति से पारित होने की उम्मीद जताई।
- सीएम स्टालिन से अपील की गई कि वे अलगाववादी भाषा का प्रयोग न करें।
- महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण का महत्व बताया गया।
- विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए गए।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद शशांक मणि ने महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा कि आज सभी पहलुओं पर स्पष्टता आएगी। विधेयक के नोटिफिकेशन पर बातचीत की जाएगी और सर्वसम्मति से इसे पारित करने की उम्मीद जताई गई है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री के बयान से सभी प्रभावित हैं।
सांसद शशांक मणि ने परिसीमन पर कहा कि पीएम मोदी और अन्य वक्ताओं ने बताया है कि इस प्रक्रिया से दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने सीएम एम.के. स्टालिन को अलगाववादी भाषा नहीं बोलने की सलाह दी और एक राष्ट्र के रूप में विधेयक का समर्थन करने की अपील की।
प्रियंका गांधी के बयान पर शशांक मणि ने कहा कि परिवारवाद लोकतंत्र पर असली हमला है, जबकि हम महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं। पीएम मोदी ने विपक्ष को यह समझाने का प्रयास किया है कि देश की आधी आबादी इस मुद्दे पर नाराज है।
भाजपा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि आज का दिन प्रसन्नता का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का जो प्रस्ताव रखा है, वह प्रशंसनीय है।
सांसद माया नारोलिया ने सभी से आग्रह किया कि यह विधेयक महिलाओं की निर्णायक भूमिका को सुनिश्चित करेगा। जब लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, तो उनकी तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा सांसद महुआ माझी ने कहा कि 2023 में विपक्ष ने सरकार का समर्थन किया था और महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने में सहयोग किया था।
समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने कहा कि यह विधेयक चुनावी शातिरपन के तहत लाया गया है। जब एक विधेयक सर्वसम्मति से पास हो चुका था, तो इसकी आवश्यकता नहीं थी।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि यदि विपक्ष महिलाओं के खिलाफ है, तो सत्ता पक्ष क्या कर सकता है? विपक्ष को सकारात्मक भूमिका में आकर समर्थन देना चाहिए। यह दुखद है कि आधी आबादी को विपक्ष द्वारा नकारा जा रहा है।