26 जुलाई 2026
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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई: 13 फरार आरोपियों ने अदालत में किया आत्मसमर्पण

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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई: 13 फरार आरोपियों ने अदालत में किया आत्मसमर्पण

सारांश

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई का असर दिखने लगा है। 13 फरार आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है, जो कि न्यायिक प्रक्रिया से बचते आ रहे थे। अब कार्रवाई और तेज की जाएगी।

मुख्य बातें

बिहार में 13 आरोपी भ्रष्टाचार के मामलों में आत्मसमर्पण किए।
विजिलेंस विभाग ने कार्रवाई को तेज किया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून की सख्ती बढ़ रही है।
भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
प्रशासनिक तंत्र में सुधार की उम्मीद है।

पटना, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। इस क्रम में, राज्य के विभिन्न स्थानों पर फरार चल रहे 13 आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है।

ये आरोपी लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से बचते आ रहे थे, जिसके चलते अदालतों ने उनके गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किए थे।

कानूनी दबाव और प्रवर्तन कार्रवाई के परिणामस्वरूप, सभी 13 आरोपियों ने फरवरी और मार्च 2026 के बीच विशेष अदालतों में आत्मसमर्पण किया।

ब्यूरो के अनुसार, इनमें से 7 आरोपी शामिल हैं: बबलू सिंह (बेगूसराय), राम अवतार राम (रोहतास), हरेंद्र राम (सारण), अमरेश झा (वैशाली), रविंद्र प्रसाद (सहरसा), वीरेंद्र प्रसाद मंडल (मुजफ्फरपुर) और रिंकू देवी (रोहतास), जो सरकारी पदों के दुरुपयोग से संबंधित मामलों में संलिप्त हैं।

वहीं, 6 अन्य आरोपी राज कुमार (लखीसराय), शारदा प्रसाद सिंह (भागलपुर), सुनील कुमार राय (मुजफ्फरपुर), मनीष कुमार (मुजफ्फरपुर), डॉ. विजय कुमार सिंह (सिविल सर्जन, जहानाबाद) और प्रणय कुमार (मुजफ्फरपुर) ट्रैप मामलों में शामिल हैं, जहां उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

ये मामले पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे कई जिलों से जुड़े हुए हैं।

विजिलेंस विभाग ने पहले ही सभी फरार आरोपियों को मार्च के अंत तक आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी थी, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता था।

अब इन मामलों में अनुपालन के बाद विभाग अप्रैल में प्रवर्तन अभियान को और तेज करने की योजना बना रहा है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा।

ब्यूरो ने यह भी कहा कि किसी भी फरार आरोपी को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा और भ्रष्टाचार मामलों में किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह कार्रवाई बिहार के प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ती सख्ती और संगठित प्रवर्तन दृष्टिकोण को दर्शाती है।

इससे पहले दिन में, बिहार विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने पूर्णिया जिले में एक रिश्वतखोरी रैकेट का खुलासा किया था, जिसमें दो सरकारी कर्मचारियों को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

आरोपी 'राजस्व कर्मचारी लाल बाबू राजक और अभिलेखागार कर्मचारी रूमी कुंडू' को शुक्रवार को पूर्णिया पूर्व प्रखंड कार्यालय में विजिलेंस टीम द्वारा लगाए गए ट्रैप के दौरान पकड़ा गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कब से शुरू हुई?
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बिहार की विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो द्वारा हाल के दिनों में तेज की गई है।
आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी कौन हैं?
आत्मसमर्पण करने वाले 13 आरोपी विभिन्न सरकारी पदों के दुरुपयोग और रिश्वतखोरी में शामिल हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और तेज करने की योजना बनाई जा रही है और सभी फरार आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
क्या कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित है?
नहीं, विजिलेंस विभाग ने भविष्य में और भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने का वादा किया है।
क्या यह कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र में बदलाव लाएगी?
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ती सख्ती और जिम्मेदारी को दर्शाती है, जो प्रशासनिक तंत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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