19 अगस्त 2026
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क्या महिला डॉक्टर के हिजाब को खींचने पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने नीतीश कुमार से माफी मांगी?

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क्या महिला डॉक्टर के हिजाब को खींचने पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने नीतीश कुमार से माफी मांगी?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने नीतीश कुमार से महिला डॉक्टर के हिजाब खींचने की घटना पर माफी मांगी। इस घटना ने महिलाओं की गरिमा और अधिकारों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानिए क्या है इस विवाद का सच और इसके पीछे की राजनीति।

मुख्य बातें

महिलाओं की गरिमा का सम्मान होना चाहिए।
राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारियां होती हैं।
हिजाब को खींचना विभाजनकारी है।
कानून के शासन का सम्मान होना चाहिए।
समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और कार्यकारी समिति ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर के हिजाब को खींचने की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसकी निंदा की है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद की भी निंदा की गई है।

एससीबीए द्वारा जारी एक पत्र में सीएम नीतीश कुमार की हिजाब खींचने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई है और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तथा उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा की गई है। एससीबीए ने कहा कि ऐसे अपमानजनक बयान महिलाओं की गरिमा को कम करते हैं।

एससीबीए ने इसे एक महिला की व्यक्तिगत गरिमा का गंभीर उल्लंघन मानते हुए कहा कि यह अचंभित करने वाला है कि एक उच्च पदस्थ व्यक्ति महिला की गरिमा और स्वायत्तता को कम करने की कोशिश कर रहा है। यह घटना न केवल युवा डॉक्टर की स्वतंत्रता का उल्लंघन है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति एक विकृत दृष्टिकोण का भी प्रतीक है।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि यह भारत के संविधान में निहित समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का अपमान है। एससीबीए ने उनसे बिना शर्त माफी की मांग की है। हम व्यक्तिगत अधिकारों और कानून के शासन की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

15 दिसंबर को, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार डॉक्टरों को नियुक्त पत्र दे रहे थे, एक महिला डॉक्टर हिजाब पहनकर पत्र लेने उनके पास पहुंची। सीएम ने पहले महिला से हिजाब हटाने को कहा और फिर अचानक अपने हाथों से हिजाब को खींच दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे कुछ लोग नीतीश कुमार के समर्थन में आ गए और कुछ ने आपत्ति जताई। इस पर राजनीति गरमाई हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस घटना ने न केवल महिलाओं की गरिमा को चुनौती दी है, बल्कि यह हमारे समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता का भी प्रतीक है। हमें इस मुद्दे पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है ताकि हम एक समान और न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ सकें।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नीतीश कुमार के हिजाब खींचने से महिला डॉक्टर को नुकसान हुआ?
इस घटना के बाद महिला डॉक्टर को मानसिक और सामाजिक रूप से नुकसान हुआ है, और यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति समाज की सोच को भी दर्शाता है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने क्या कहा?
एससीबीए ने इस घटना की निंदा की और नीतीश कुमार से बिना शर्त माफी की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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