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क्या बूथों पर महिला मतदाताओं की बढ़ती संख्या बदलते बिहार की खूबसूरत तस्वीर है?

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क्या बूथों पर महिला मतदाताओं की बढ़ती संख्या बदलते बिहार की खूबसूरत तस्वीर है?

सारांश

बिहार के पहले चरण के चुनाव में महिला मतदाताओं की बढ़ती संख्या एक नई उम्मीद जगा रही है। जानिए लोजपा सांसद शांभवी चौधरी और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी की टिप्पणियां और चुनावी माहौल के बारे में।

मुख्य बातें

महिला मतदाता की बढ़ती संख्या एक सकारात्मक संकेत है।
मतदान का अधिकार सभी के लिए समान है।
एनडीए के पक्ष में रुझान बढ़ रहा है।
जनता को अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए।
बिहार में बदलाव की प्रक्रिया जारी है।

पटना, 6 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। लोजपा (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने गुरुवार को कहा कि बिहार में 121 सीटों पर हो रहे पहले चरण के चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों के पक्ष में सकारात्मक माहौल है। मुझे पूरा विश्वास है कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि मतदान का अधिकार सभी के लिए संवैधानिक रूप से समान है। आज का दिन निर्णय लेने का है।

मैं सभी नागरिकों से निवेदन करती हूं कि वे अपने घरों से बाहर निकलें और मत डालें। आप किसे वोट देते हैं, यह आपका व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन यह अनिवार्य है कि आप अपने मताधिकार का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि जिस पार्टी की आप पसंद करते हैं, वह जीत जाए।

उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों से सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। इस बार बूथों पर महिला मतदाता अधिक संख्या में दिख रही हैं, जो बदलते बिहार की एक सुंदर तस्वीर है। मुझे विश्वास है कि एनडीए सरकार पूर्ण बहुमत के साथ पुनः सत्ता में आएगी।

वहीं, बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि एनडीए के पक्ष में सकारात्मक रुझान है। बिहार की जनता यह सुनिश्चित करेगी कि जंगलराज की वापसी न हो। मतदाता अब जात-पात से हटकर एनडीए के पक्ष में वोट कर रहे हैं। मैं अपने परिवार के साथ मतदान कर रहा हूं, और जनता से अपील करता हूं कि वो भी वोट करें।

अशोक चौधरी ने राबड़ी देवी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अब आशीर्वाद दे रही हैं, लेकिन पहले तेजप्रताप यादव को अपमानित कर पार्टी से बाहर क्यों निकाला। अब वे चाहते हैं कि वह जीतें, यह दोनों बातें एक साथ नहीं हो सकतीं।

तेजस्वी यादव के घोषणा पर उन्होंने कहा कि वह जान रहे हैं कि उनकी सरकार आने वाली नहीं है। अब वह दूसरे चरण के चुनाव प्रचार के दौरान चांद दिलाने का वादा करेंगे। रोजगार के मुद्दे पर जब उनसे सवाल पूछे जाते हैं, तो उनके पास उत्तर नहीं होते।

राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें गंभीरता से कोई नहीं ले रहा। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार जो कहते हैं, उसका कुछ महत्व होता है। अशोक चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने वर्षों तक सत्ता में रहते हुए कोई बदलाव नहीं लाया। पिछड़ों और अतिपिछड़ों की बात करते हैं, तो उन्हें इतिहास के पन्ने पलटने की आवश्यकता है।

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि हो रही है। जो डबल मतदाता हैं, उनके नाम काटे जाने चाहिए। एक मतदाता को एक ही वोट देने का अधिकार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि बिहार में चुनाव केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि यह समाज में बदलाव की भी एक प्रक्रिया है। महिला मतदाताओं की बढ़ती संख्या और एनडीए के पक्ष में रुझान एक नई दिशा की ओर इशारा करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए चुनावी परिणामों का आकलन करें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में इस बार की चुनावी स्थिति क्या है?
बिहार में पहले चरण के चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है और एनडीए के उम्मीदवारों के पक्ष में सकारात्मक माहौल बन रहा है।
शांभवी चौधरी का क्या कहना है?
शांभवी चौधरी का कहना है कि मतदान का अधिकार सभी के लिए समान है और लोगों को अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए।
अशोक चौधरी ने क्या कहा?
अशोक चौधरी ने कहा है कि जनता जंगलराज की वापसी नहीं होने देगी और एनडीए को समर्थन दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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