क्या महुआ मोइत्रा ने अपनी भाषा की सारी मर्यादा तोड़ दी?

सारांश
Key Takeaways
- महुआ मोइत्रा का बयान विवादित है।
- रविंद्र सिंह नेगी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
- भाषा की मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया है।
- नेताओं को अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए।
- राजनीतिक संवाद में सम्मान आवश्यक है।
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। नेगी ने कहा कि लोकतंत्र में बोलने की आजादी है, लेकिन जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया है, वह यह दर्शाता है कि महुआ मोइत्रा ने सभी सीमाएं तोड़ दी हैं।
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में नेगी ने कहा कि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और महुआ मोइत्रा को लगता है कि वे जो चाहें बोल सकते हैं। हाल ही में दरभंगा में पीएम मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया गया और अब अमित शाह के बारे में महुआ मोइत्रा का बयान किसी भी तरह से उचित नहीं है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
नेगी ने बताया कि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और संभवतः एफआईआर भी हो गई है।
उन्होंने बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा को घुसपैठिया बचाओ यात्रा कहा और कहा कि ये लोग इस बात से परेशान हैं कि एक साधारण परिवार का बेटा प्रधानमंत्री कैसे बन गया। पीएम मोदी पिछले 11 वर्षों से देशहित में कार्यरत हैं, जिसे विपक्षी दल पचा नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि महुआ मोइत्रा ने भाषा की सभी मर्यादाएं तोड़ दी हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार रोहिंग्या और बांग्लादेशी वोट पर बनी है। यदि घुसपैठियों को बाहर निकाला जा रहा है तो उन्हें परेशानी क्यों हो रही है?
भाजपा विधायक ने कहा कि उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत इसीलिए नहीं दी कि वह भाजपा से हैं, बल्कि एक नागरिक होने के नाते पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ किसी भी विवादित बयान पर आपत्ति जताना आवश्यक समझा।