मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाना एक गंभीर अपराध: केशव प्रसाद मौर्य
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाना एक गंभीर अपराध है।
- केशव प्रसाद मौर्य ने टीएमसी पर तीखा हमला किया है।
- यह घटना राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है।
- आगामी विधानसभा चुनाव में इसका प्रभाव पड़ सकता है।
लखनऊ, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक बंधक बनाए जाने की घटना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखे आरोप लगाए।
केशव प्रसाद मौर्य ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "पश्चिम बंगाल में 'टीएमसी जाने' का जो नारा दिया गया है, वह अब सच होने वाला है। जैसे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के गुंडे हैं, वैसे ही पश्चिम बंगाल में टीएमसी के गुंडे सक्रिय हैं; वे पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं। यदि देश की सर्वोच्च अदालती आदेश पर न्यायपालिका से जुड़े अधिकारी जांच करने गए हैं, तो उन्हें बंधक बनाना देश के इतिहास का सबसे बड़ा अपराध है।"
उन्होंने आगे कहा, "टीएमसी को इस कृत्य की सजा आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतनी पड़ेगी। 4 मई को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है।"
केशव प्रसाद मौर्य ने केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी के केंद्र सरकार की विदेश नीति पर उठाए जा रहे सवालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "गांधी परिवार पूरी तरह से बौखलाया हुआ है। वैश्विक संकट और बड़े युद्ध की विभीषिका के बीच, भारत के तेल और गैस से भरे जहाज तिरंगा लहराते हुए भारत लौट रहे हैं। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री का आदर करना चाहिए, लेकिन वे विरोध कर रहे हैं। उनकी देशभक्ति पर सवाल उठता है।"
उपमुख्यमंत्री ने यूपी की राजनीति पर भी बात की और समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा, "2027 में लगातार तीसरी बार यूपी में भाजपा की सरकार बनने वाली है। सपा को सैफई भेजने की पूरी तैयारी है। अखिलेश यादव चाहे जो भी सपने देखें, वे हकीकत में नहीं बदलने वाले।"
उन्होंने नोएडा में सपा की जनसभा को लेकर कहा, "अखिलेश यादव की रैली पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुई है। गुर्जर समाज के लोग वहां उनसे नाराज हैं।"