14 जुलाई 2026
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सीधी में हनुमान मूर्ति क्षति मामला: पोते की मौत के सदमे में 56 वर्षीय पर BNS धारा 298-299 के तहत FIR

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सीधी में हनुमान मूर्ति क्षति मामला: पोते की मौत के सदमे में 56 वर्षीय पर BNS धारा 298-299 के तहत FIR

सारांश

पोते की मृत्यु के गम में टूटे एक बुज़ुर्ग ने कथित तौर पर अपनी ही पुश्तैनी ज़मीन के हनुमान मंदिर की मूर्ति क्षतिग्रस्त कर दी — जिस मंदिर में परिवार ने बच्चे की सलामती की मन्नत माँगी थी। सीधी पुलिस ने BNS की धारा 298-299 के तहत FIR दर्ज की है, पर गाँव में माहौल शांत है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बलहया गांव में 14 जुलाई 2026 को हनुमान मूर्ति क्षति का मामला सामने आया।
आरोपी रामभुवन द्विवेदी (56 वर्ष) के एक महीने के पोते की 4 जुलाई को सीधी जिला अस्पताल के ICU में निमोनिया से मृत्यु हो गई थी।
पुलिस ने BNS की धारा 298 और 299 के तहत FIR दर्ज की है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित हैं।
सिहावल पुलिस चौकी इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया घटना गहरे सदमे और मानसिक परेशानी की अवस्था में हुई प्रतीत होती है।
क्षतिग्रस्त मूर्ति मंदिर से हटाई गई; गाँव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है।

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बलहया गांव स्थित हनुमान मंदिर में मूर्ति को कथित तौर पर क्षति पहुँचाने के आरोप में 56 वर्षीय रामभुवन द्विवेदी के विरुद्ध 14 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना उस रात हुई जब द्विवेदी के एक महीने के पोते की सीधी जिला अस्पताल के आईसीयू में मृत्यु हो गई। अमिलिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दर्ज इस प्रकरण में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गांव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

4 जुलाई 2026 को द्विवेदी के एक महीने के पोते को निमोनिया की गंभीर स्थिति में सीधी जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। परिवार ने बच्चे के स्वस्थ होने की मन्नत माँगी थी और संकल्प लिया था कि यदि बच्चा बच गया तो वे हनुमान मंदिर में सामूहिक भोज, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा का आयोजन करेंगे।

हालाँकि, उपचार के दौरान बच्चे की हालत बिगड़ती गई और सोमवार रात लगभग 8 बजे उसकी मृत्यु हो गई। उसी रात शव को बलहया गांव लाया गया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह द्विवेदी अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर बने हनुमान मंदिर पहुँचे और कथित तौर पर मूर्ति को नुकसान पहुँचाया, जिसके बाद वे भावुक और अस्थिर मनःस्थिति में वहीं पास में बैठे रहे।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

गाँव वालों ने क्षतिग्रस्त मूर्ति देखकर पुलिस को सूचित किया। सिहावल पुलिस चौकी के इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह ने बताया, 'प्रथम दृष्टया लगता है कि घटना तब हुई, जब आरोपी अपने पोते की मौत के बाद गहरे सदमे और मानसिक परेशानी में था। हालाँकि, मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जाँच चल रही है।'

पुलिस ने रामभुवन द्विवेदी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 और 299 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। ये धाराएँ धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इरादे से किए गए कार्यों से संबंधित हैं। अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त मूर्ति को मंदिर से हटा दिया गया है।

परिवार और गाँव की पृष्ठभूमि

गाँव वालों ने बताया कि द्विवेदी परिवार अत्यंत धार्मिक है और उनकी हनुमान मंदिर में गहरी आस्था रही है। यह मंदिर द्विवेदी की पुश्तैनी ज़मीन पर ही स्थित है, जो इस प्रकरण को और अधिक जटिल बनाता है। गौरतलब है कि जिस मंदिर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हुई, उसी मंदिर में परिवार ने बच्चे की सलामती के लिए मन्नत माँगी थी।

वर्तमान स्थिति

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बलहया गांव में फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है। पुलिस ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। यह प्रकरण उस मानवीय पीड़ा को भी रेखांकित करता है जो अत्यधिक दुःख की अवस्था में व्यक्ति को किसी अनियंत्रित कृत्य की ओर ले जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी देवता के सामने, अपनी पीड़ा उँडेली, उस पर अब धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप है। पुलिस ने स्वयं 'गहरे सदमे' का उल्लेख किया है, फिर भी FIR अनिवार्य प्रक्रिया बन गई। यह सवाल उठाता है कि क्या भारतीय न्याय संहिता में मानसिक अवस्था और इरादे के आकलन की पर्याप्त गुंजाइश है। गाँव का शांत माहौल और परिवार की धार्मिक पृष्ठभूमि इस बात की ओर इशारा करती है कि स्थानीय समाज इसे अपराध से अधिक त्रासदी के रूप में देख रहा है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीधी हनुमान मूर्ति क्षति मामले में किस पर और क्यों FIR दर्ज हुई?
सीधी जिले के बलहया गांव निवासी 56 वर्षीय रामभुवन द्विवेदी पर 14 जुलाई 2026 को FIR दर्ज की गई। आरोप है कि उन्होंने अपने एक महीने के पोते की मृत्यु के सदमे में अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर स्थित हनुमान मंदिर की मूर्ति को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त किया।
किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 और 299 के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएँ धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इरादे से किए गए कार्यों से संबंधित हैं।
द्विवेदी के पोते की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई?
एक महीने के शिशु को 4 जुलाई 2026 को निमोनिया की गंभीर स्थिति में सीधी जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई और सोमवार रात लगभग 8 बजे उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस के अनुसार घटना के समय आरोपी की मनःस्थिति क्या थी?
सिहावल पुलिस चौकी इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोपी गहरे सदमे और मानसिक परेशानी की अवस्था में था। हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है।
घटना के बाद गाँव में स्थिति कैसी है?
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बलहया गांव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। क्षतिग्रस्त मूर्ति को मंदिर से हटा दिया गया है और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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