सीधी में हनुमान मूर्ति क्षति मामला: पोते की मौत के सदमे में 56 वर्षीय पर BNS धारा 298-299 के तहत FIR
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बलहया गांव स्थित हनुमान मंदिर में मूर्ति को कथित तौर पर क्षति पहुँचाने के आरोप में 56 वर्षीय रामभुवन द्विवेदी के विरुद्ध 14 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना उस रात हुई जब द्विवेदी के एक महीने के पोते की सीधी जिला अस्पताल के आईसीयू में मृत्यु हो गई। अमिलिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दर्ज इस प्रकरण में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गांव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
4 जुलाई 2026 को द्विवेदी के एक महीने के पोते को निमोनिया की गंभीर स्थिति में सीधी जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। परिवार ने बच्चे के स्वस्थ होने की मन्नत माँगी थी और संकल्प लिया था कि यदि बच्चा बच गया तो वे हनुमान मंदिर में सामूहिक भोज, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा का आयोजन करेंगे।
हालाँकि, उपचार के दौरान बच्चे की हालत बिगड़ती गई और सोमवार रात लगभग 8 बजे उसकी मृत्यु हो गई। उसी रात शव को बलहया गांव लाया गया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह द्विवेदी अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर बने हनुमान मंदिर पहुँचे और कथित तौर पर मूर्ति को नुकसान पहुँचाया, जिसके बाद वे भावुक और अस्थिर मनःस्थिति में वहीं पास में बैठे रहे।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
गाँव वालों ने क्षतिग्रस्त मूर्ति देखकर पुलिस को सूचित किया। सिहावल पुलिस चौकी के इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह ने बताया, 'प्रथम दृष्टया लगता है कि घटना तब हुई, जब आरोपी अपने पोते की मौत के बाद गहरे सदमे और मानसिक परेशानी में था। हालाँकि, मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जाँच चल रही है।'
पुलिस ने रामभुवन द्विवेदी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 और 299 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। ये धाराएँ धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इरादे से किए गए कार्यों से संबंधित हैं। अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त मूर्ति को मंदिर से हटा दिया गया है।
परिवार और गाँव की पृष्ठभूमि
गाँव वालों ने बताया कि द्विवेदी परिवार अत्यंत धार्मिक है और उनकी हनुमान मंदिर में गहरी आस्था रही है। यह मंदिर द्विवेदी की पुश्तैनी ज़मीन पर ही स्थित है, जो इस प्रकरण को और अधिक जटिल बनाता है। गौरतलब है कि जिस मंदिर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हुई, उसी मंदिर में परिवार ने बच्चे की सलामती के लिए मन्नत माँगी थी।
वर्तमान स्थिति
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बलहया गांव में फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है। पुलिस ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। यह प्रकरण उस मानवीय पीड़ा को भी रेखांकित करता है जो अत्यधिक दुःख की अवस्था में व्यक्ति को किसी अनियंत्रित कृत्य की ओर ले जा सकती है।