जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करते मणिपुर के मुख्यमंत्री

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जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करते मणिपुर के मुख्यमंत्री

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट की समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर रेलवे अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। यह प्रोजेक्ट राज्य के परिवहन ढांचे में सुधार लाने का वादा करता है।

Key Takeaways

  • जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट का महत्व मणिपुर के विकास में है।
  • राज्य सरकार समय पर इसका निर्माण पूरा करने के लिए तैयार है।
  • प्रोजेक्ट की लागत लगभग 21,885 करोड़ रुपए है।
  • लगभग 90 प्रतिशत शारीरिक प्रगति हो चुकी है।
  • यह परियोजना मणिपुर को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी।

इंफाल/गुवाहाटी, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री खेमचंद युमनाम ने जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करने के लिए नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक का नेतृत्व जनरल मैनेजर (कंस्ट्रक्शन) आशीष बंसल ने किया। अधिकारियों ने बताया कि यह 111 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट राज्य की परिवहन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक प्रतिनिधि ने कहा कि बंसल और अन्य रेलवे अधिकारी मुख्यमंत्री को इस रेलवे लाइन के नवीनतम विकास और निर्माण प्रगति से अवगत कराते रहे।

मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, "एनएफ रेलवे कंस्ट्रक्शन (मालीगांव) के जनरल मैनेजर आशीष बंसल और उनके साथ आए अधिकारियों ने मुझसे मुलाकात की। उन्होंने मुझे इस परियोजना के निर्माण की नवीनतम प्रगति के बारे में जानकारी दी, जो राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है।"

उन्होंने आगे कहा, "इस रेलवे लाइन के शुरू होने से मणिपुर का परिवहन ढांचा मजबूत होगा, कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी, और एक बेहतर और सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित होगी। यह प्रोजेक्ट माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार हमारे लोगों के जीवन को आसान बनाने में सहायक होगा।"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।

एनएफआर अधिकारियों के अनुसार, 21,885 करोड़ रुपए के इस जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट में लगभग 90 प्रतिशत शारीरिक प्रगति हो चुकी है। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे लाइन के पूरा होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, औद्योगिक विकास में योगदान देने, रोजगार के अवसर पैदा करने और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार की उम्मीद है।

यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर इंफाल राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा और यह दिसपुर, अगरतला, ईटानगर और आइजोल के बाद रेल लिंक वाला उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का पांचवां राजधानी शहर बन जाएगा।

इस बीच, राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने हाल ही में इजेई नदी पर बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पियर ब्रिज का निरीक्षण किया। यह ब्रिज 111 किलोमीटर लंबे जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस दौरे के दौरान, रेलवे इंजीनियरों ने राज्यपाल को चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी दी और बताया कि ऐसा लगता है कि यह ब्रिज जल्द ही पूरा हो जाएगा। भल्ला ने इंजीनियरों की मेहनत की सराहना की और उन्हें राज्य के लोगों के हित में मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया।

Point of View

जो कि राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकासात्मक पहल है। यह परियोजना न केवल परिवहन को सुदृढ़ करेगी, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगी।
NationPress
08/03/2026

Frequently Asked Questions

जिरीबाम-इंफाल रेलवे प्रोजेक्ट का महत्व क्या है?
यह प्रोजेक्ट मणिपुर के परिवहन ढांचे को मजबूत करेगा और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत क्या है?
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 21,885 करोड़ रुपए है।
इस प्रोजेक्ट से क्या लाभ होंगे?
यह प्रोजेक्ट पर्यटन, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करेगा।
यह प्रोजेक्ट कब पूरा होगा?
अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट की शारीरिक प्रगति लगभग 90 प्रतिशत है और यह जल्द ही पूरा हो जाएगा।
राज्यपाल ने इस प्रोजेक्ट के बारे में क्या कहा?
राज्यपाल ने निर्माण कार्य की प्रगति की सराहना की और इंजीनियरों को प्रेरित किया।
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