क्या मणिपुर में पेट्रोल पंप पर बम धमाके के आरोपी गिरफ्तार हुए?

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क्या मणिपुर में पेट्रोल पंप पर बम धमाके के आरोपी गिरफ्तार हुए?

सारांश

मणिपुर में हाल ही में हुए बम धमाके के पीछे के उग्रवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की है। तीन कट्टर उग्रवादियों की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में सुरक्षा स्थिति गंभीर है। जानें इस मामले के सभी पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • बिष्णुपुर जिले में बम धमाका हुआ था।
  • तीन कट्टर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया।
  • पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग।
  • गिरफ्तार उग्रवादियों का संबंध प्रतिबंधित संगठन से है।
  • सुरक्षा बलों ने हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।

इंफाल, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में एक पेट्रोल पंप पर हुए बम धमाके के मामले में सुरक्षा बलों ने तीन कट्टर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक प्रतिबंधित संगठन का सक्रिय कैडर भी शामिल है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए उग्रवादी कंगलेई यावोल कन्ना लुप और पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलेइपाक से जुड़े हैं। इनकी गिरफ्तारी पिछले 24 घंटों के दौरान इंफाल वेस्ट और काकचिंग जिलों से की गई।

तीन गिरफ्तार उग्रवादियों में से कंगलेई यावोल कन्ना लुप के कैडर हिजाम मणिचंद्र सिंह (35) पर 8 जनवरी को बिष्णुपुर जिले के मोइरांग थाना लेकाई स्थित एक पेट्रोल पंप पर हुए विस्फोट को अंजाम देने का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस घटना में शामिल अन्य साथियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक, 8 जनवरी को दोपहिया वाहन पर सवार उग्रवादियों ने पेट्रोल पंप पर बम फेंका था, जिससे जोरदार धमाका हुआ। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचा।

8 जनवरी को बिष्णुपुर और इससे पहले 6 दिसंबर को इंफाल ईस्ट जिले में हुए हमलों के विरोध में 10 जनवरी को मणिपुर घाटी और आसपास के इलाकों के सभी पेट्रोल पंप बंद रहे। यह बंद मणिपुर पेट्रोलियम डीलर्स फ्रैटरनिटी की ओर से सुरक्षा की मांग को लेकर बुलाया गया था।

एमपीडीएफ ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को पत्र लिखकर कहा कि प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद पेट्रोल पंप मालिकों और कर्मचारियों को गंभीर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर 8 जनवरी के बम धमाके के बाद।

फ्रैटरनिटी ने कहा कि यह घटना कम समय में दूसरी जानलेवा हमला थी, इससे पहले 6 दिसंबर को भी इसी तरह का बम धमाका हुआ था। एमपीडीएफ की मांगों में पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा बढ़ाना, बम धमाकों या अपहरण जैसी घटनाओं में सरकारी जवाबदेही तय करना, क्षतिग्रस्त ढांचे की भरपाई और किसी भी डीलर या कर्मचारी के घायल या मारे जाने की स्थिति में उचित मुआवजा शामिल है। साथ ही 8 जनवरी के धमाके में बिष्णुपुर के पेट्रोल पंप को हुए नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की गई है।

इस बीच, सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में संयुक्त अभियान के दौरान इंफाल वेस्ट जिले से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है। बरामद हथियारों में दो मैगजीन के साथ एक सेल्फ-लोडिंग राइफल, दो सिंगल बैरल बंदूकें और तीन पिस्तौल तीन मैगजीन के साथ शामिल हैं। वहीं, गोला-बारूद में 7.62 मिमी एसएलआर के 20 राउंड और आठ ट्यूब लॉन्चिंग बरामद की गई हैं।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या मणिपुर में बम धमाके में कोई हताहत हुआ?
नहीं, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचा है।
गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों का संबंध किस संगठन से है?
गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों का संबंध पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलेइपाक से है।
पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग क्यों की गई है?
पेट्रोल पंप मालिकों और कर्मचारियों को गंभीर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है, इसीलिए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जा रही है।
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