क्या मणिपुर के चंदेल में संयुक्त अभियान में तीन लापता बच्चे बचाए गए?

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क्या मणिपुर के चंदेल में संयुक्त अभियान में तीन लापता बच्चे बचाए गए?

सारांश

मणिपुर के चंदेल में सुरक्षा बलों ने एक सफल अभियान में तीन लापता बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। जानिए कैसे स्थानीय अधिकारियों और युवाओं ने मिलकर यह उपलब्धि हासिल की।

Key Takeaways

  • संयुक्त अभियान: स्थानीय युवाओं और पुलिस ने मिलकर लापता बच्चों को बचाया।
  • तलाशी प्रक्रिया: तलाशी अभियान को सफल बनाने के लिए कई प्रयास किए गए।
  • मेडिकल चेकअप: बच्चों का स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए चकपीकरोंग में चेकअप किया गया।
  • सामुदायिक सहयोग: सभी ने मिलकर इस अभियान में योगदान दिया।
  • बचाव का महत्व: बच्चों की सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।

इंफाल, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर में सुरक्षा बलों ने तीन लापता बच्चों को सुरक्षित रूप से बचा लिया है। इसके बाद, उनका मेडिकल चेकअप किया गया और उन्हें क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है। अब ये अधिकारी बच्चों को उनके परिजनों को सौंप देंगे।

मणिपुर के इंफाल के चंदेल में एक संयुक्त अभियान के दौरान तीन लापता बच्चे बचाए गए। चंदेल पुलिस, असम राइफल्स और चकपिकरोंग क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के संयुक्त प्रयास से, चंदेल जिले के चकपिकरोंग अंतर्गत ह्रिंगफे स्थित ओरिएंटल हॉस्टल से सोमवार शाम से लापता तीन बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है।

चंदेल पुलिस के अनुसार, सोमवार यानी 25 अगस्त की शाम लगभग पांच बजे बच्चों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही चकपिकरोंग के ओसी जॉय मार्टिन ने अपनी टीम के साथ तुरंत तलाशी अभियान प्रारंभ किया। अगले दिन, 26 अगस्त की सुबह तलाशी दल ने बस और ऑटो स्टैंड, आसपास के गांवों तथा रास्तों पर खोजबीन की, लेकिन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला।

शाम के समय एसपी चंदेल धर्मेंद्र त्यागी की देखरेख में, स्थानीय युवाओं, ग्राम अधिकारियों, बीएसएफ (सी-कॉय 200) और असम राइफल्स (शालुक पोस्ट) के सहयोग से एक बड़े पैमाने पर संयुक्त तलाशी अभियान प्रारंभ किया गया। पुलिस ने बताया कि रात करीब 9:20 बजे, दो लड़के ह्रिंगफे गांव के पास जंगल में मिले, जबकि तीसरा लड़का भागने में सफल रहा। देर रात तक खोजने के बावजूद, अंतिम लड़के का पता नहीं चल सका।

चंदेल पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब पांच बजे अभियान फिर से शुरू हुआ और आखिरी लड़के को चकपी नदी के किनारे से सुरक्षित बचा लिया गया।

तीनों बच्चे चकपीकरोंग पुलिस की हिरासत में हैं और उनका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकपीकरोंग में मेडिकल चेकअप कराया गया है। पुलिस ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।

चंदेल पुलिस ने कहा, "हम स्थानीय युवाओं, महिला स्वयंसेवकों, गांव के अधिकारियों, बीएसएफ, असम राइफल्स और उन सभी का बहुत आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने पूरी तलाशी के दौरान सहयोग दिया।"

Point of View

यह घटना हमारे समाज की एकता और सहयोग की भावना को दर्शाती है। जब हमें एकजुट होकर काम करना होता है, तब हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। यह घटना हमें सिखाती है कि हम सबका मिलकर प्रयास करना कितना महत्वपूर्ण है।
NationPress
30/08/2025