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मन्नालाल रावत बने BJP अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजस्थान को मिली चार बड़ी जिम्मेदारियाँ

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मन्नालाल रावत बने BJP अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजस्थान को मिली चार बड़ी जिम्मेदारियाँ

सारांश

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में राजस्थान को बड़ी हिस्सेदारी मिली है — उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ST मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, जबकि वसुंधरा राजे, सतीश पूनिया और राजेश मंगल को भी अहम पद मिले। किसान परिवार से IAS अधिकारी और फिर सांसद बने रावत की यह नियुक्ति आदिवासी राजनीति में BJP की बड़ी चाल मानी जा रही है।

मुख्य बातें

मन्नालाल रावत को BJP अनुसूचित जनजाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में राजस्थान के चार नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियाँ मिलीं।
वसुंधरा राजे — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष; सतीश पूनिया — राष्ट्रीय महासचिव; राजेश मंगल — राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष।
रावत ने 2024 लोकसभा चुनाव में उदयपुर से 2,61,608 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
रावत संस्कृत में शपथ लेने वाले राजस्थान के पहले आदिवासी सांसद हैं।
रावत परिवहन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त रह चुके हैं और उनके पास पीएचडी की डिग्री है।

उदयपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मन्नालाल रावत को 17 अगस्त 2026 को भाजपा अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान के कुल चार वरिष्ठ नेताओं को संगठन की अहम जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं, जो राज्य की बढ़ती राजनीतिक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।

नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान की हिस्सेदारी

BJP के नए राष्ट्रीय संगठनात्मक ढाँचे में राजस्थान को उल्लेखनीय प्रतिनिधित्व मिला है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महासचिव, वरिष्ठ नेता राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष और मन्नालाल रावत को ST मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियाँ जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा सहित पूरे राजस्थान में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बनी हैं।

मन्नालाल रावत: संघर्ष से संसद तक का सफर

दक्षिणी राजस्थान के धारियावाड़ क्षेत्र के चिकलाड गाँव में एक किसान परिवार में जन्मे रावत ने विपरीत परिस्थितियों में अपनी शिक्षा पूरी की। उनके पास बीएससी, एमए और पीएचडी की डिग्रियाँ हैं। राजनीति में प्रवेश से पूर्व उन्होंने जयपुर में परिवहन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर राजस्थान सरकार की सेवा की। BJP उम्मीदवार घोषित होते ही उन्होंने सरकारी सेवा से त्यागपत्र दे दिया।

2024 के लोकसभा चुनाव में रावत ने उदयपुर सीट से 2,61,608 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार एवं उदयपुर के पूर्व जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा को पराजित किया। संसद में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने संस्कृत में शपथ ली, जिससे वे ऐसा करने वाले राजस्थान के पहले आदिवासी सांसद बन गए।

नियुक्ति का राजनीतिक महत्त्व

रावत की यह नियुक्ति BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है जिसके तहत पार्टी आदिवासी मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। गौरतलब है कि राजस्थान में अनुसूचित जनजाति समुदाय की बड़ी आबादी है और आने वाले चुनावों में यह वर्ग निर्णायक भूमिका निभा सकता है। सरकारी सेवा, उच्च शिक्षा और आदिवासी मामलों में रावत के अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब BJP राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठनात्मक ढाँचे को पुनर्गठित कर रही है और राज्यों में जमीनी नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

आगे की राह

विश्लेषकों के अनुसार, राजस्थान को मिली ये चार प्रमुख जिम्मेदारियाँ आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले राज्य के राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकती हैं। ST मोर्चा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में रावत से अपेक्षा है कि वे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पार्टी की पहुँच और विस्तार को नई दिशा देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की उस सुनियोजित रणनीति का संकेत है जिसमें पार्टी आदिवासी मतदाताओं तक पहुँचने के लिए जमीन से उठे, विश्वसनीय चेहरों को आगे कर रही है। राजस्थान को एक साथ चार राष्ट्रीय पद मिलना यह भी बताता है कि पार्टी नेतृत्व राज्य को आगामी चुनावी चक्र में रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण मान रहा है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि ST मोर्चा जमीनी स्तर पर आदिवासी समुदायों की माँगों — शिक्षा, वन अधिकार, रोज़गार — को संगठनात्मक एजेंडे में कितना स्थान देता है, क्योंकि अब तक इस मोर्चे की सक्रियता चुनावी मौसम तक सीमित रही है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मन्नालाल रावत को कौन-सा पद दिया गया है?
उदयपुर से BJP सांसद मन्नालाल रावत को BJP अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा 17 अगस्त 2026 को घोषित नई राष्ट्रीय टीम के तहत की गई है।
BJP की नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान के किन नेताओं को जगह मिली?
नई टीम में राजस्थान के चार नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियाँ दी गई हैं — वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महासचिव, राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष और मन्नालाल रावत को ST मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
मन्नालाल रावत की राजनीतिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
रावत दक्षिणी राजस्थान के धारियावाड़ क्षेत्र के चिकलाड गाँव के एक किसान परिवार से हैं। उनके पास बीएससी, एमए और पीएचडी की डिग्रियाँ हैं और वे जयपुर में परिवहन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त रह चुके हैं। 2024 में उदयपुर से 2,61,608 मतों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीतकर वे सांसद बने।
मन्नालाल रावत ने संसद में क्या ऐतिहासिक काम किया?
मन्नालाल रावत ने संसद सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करते समय संस्कृत में शपथ ली, जिससे वे ऐसा करने वाले राजस्थान के पहले आदिवासी सांसद बन गए। यह कदम उनकी सांस्कृतिक पहचान और आदिवासी गौरव के प्रतीक के रूप में चर्चित रहा।
इन नियुक्तियों का राजस्थान की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
विश्लेषकों के अनुसार, राजस्थान के चार नेताओं को राष्ट्रीय जिम्मेदारियाँ मिलने से आने वाले चुनावों से पहले राज्य में BJP का संगठनात्मक आधार मजबूत होगा। ST मोर्चा के नेतृत्व में बदलाव से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पार्टी की पहुँच और प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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