मन्नालाल रावत बने भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जुएल ओराम बोले — आदिवासी समाज को मिलेगा नया सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मन्नालाल रावत ने 26 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में कार्यभार संभाला। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने पार्टी के आदिवासी जनाधार को और मज़बूत करने का संकल्प दोहराया और कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए।
मन्नालाल रावत की नियुक्ति का महत्व
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने समारोह में कहा, "भाजपा का एसटी मोर्चा एक स्थापित और ऐतिहासिक विंग है और मन्नालाल रावत बहुत ही अनुभवी नेता हैं। उनके नेतृत्व में हम पार्टी की पहुँच को और बढ़ाएंगे।" उन्होंने रेखांकित किया कि आज भारत की राष्ट्रपति आदिवासी समुदाय से हैं, और संसद में भाजपा के 31 लोकसभा सांसद, 8 राज्यसभा सांसद तथा 251 विधायक जनजातीय समुदाय से आते हैं। ओराम ने कहा कि जनजातीय वर्ग में सबसे बड़ा जनाधार भाजपा के पास है और इसे और विस्तार दिया जाएगा।
कांग्रेस पर सीधा हमला
केंद्रीय मंत्री ओराम ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी रिजेक्ट हो चुकी है और हम उन्हें आगे वापसी का मौका नहीं देंगे। कांग्रेस ने दशकों तक आदिवासियों के नाम पर सिर्फ राजनीति की, लेकिन उनके सशक्तिकरण के लिए ठोस काम नहीं किया।" उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज को पहली बार सम्मान और वास्तविक भागीदारी मिली है।
योगी सरकार के फैसले की सराहना
ओराम ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के उस निर्णय की भी प्रशंसा की, जिसमें 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को आजीवन निःशुल्क बस सेवा देने का ऐलान किया गया है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।
मधुबनी सांसद की बात — मिशन 2047 पर ज़ोर
समारोह में मधुबनी से लोकसभा सांसद अशोक कुमार यादव ने कहा कि संगठन के नए स्वरूप के साथ 'विकसित भारत' का सपना साकार करने की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में हम प्रधानमंत्री का मिशन 2047 लेकर आगे बढ़ेंगे।" यादव ने तुष्टीकरण की राजनीति को अस्वीकार करते हुए 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर चलने का आह्वान किया और स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति संविधान और राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकता।
आगे की राह
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भाजपा कई राज्यों में आदिवासी बहुल सीटों पर अपना संगठनात्मक आधार मज़बूत करने में जुटी है। मन्नालाल रावत के नेतृत्व में एसटी मोर्चा अब जनजातीय क्षेत्रों में पार्टी की पहुँच बढ़ाने और मोदी सरकार की जनजातीय कल्याण योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने पर केंद्रित रहेगा।